भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव पर उठे सवाल, मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन: पीसी शर्मा

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भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव पर उठे सवाल, मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन: पीसी शर्मा


मध्य प्रदेश, 30 मार्च (हि.स.)। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने साेमवार काे राजधानी भाेपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयाेजित प्रेस वार्ता में ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 152-भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से जुड़ा मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

पीसी शर्मा ने बताया कि एसएलपी सिविल (डायरी नं. 45048/2025) में 23 मार्च 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा अहम मामला बताया। शर्मा ने कहा कि नवंबर 2023 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी थे। 17 नवंबर को मतदान और 3 दिसंबर को मतगणना हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से प्राप्त मतों में उन्हें करीब 25% अधिक समर्थन मिला, जबकि ईवीएम की मतगणना में परिणाम इसके विपरीत रहे।

ईवीएम बैटरी और गड़बड़ी के आरोप

पीसी शर्मा के अनुसार, जिन ईवीएम मशीनों में बैटरी स्तर 99% था, वहां भाजपा को बढ़त मिली, जबकि 60-70% बैटरी वाली मशीनों में कांग्रेस को बढ़त दिखाई दी। उन्होंने इसे संदेहास्पद बताते हुए जांच की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके पास स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं।

जानकारी नहीं देने पर सवाल

पीसी शर्मा ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मतगणना स्थल की सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी मांगी, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने इसे न्यायालय में विचाराधीन मामला बताते हुए उपलब्ध नहीं कराया। वहीं, ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में उपयोग होने वाली बैटरी की जानकारी निर्माता कंपनी ने “अत्यंत गोपनीय” बताते हुए देने से इनकार कर दिया।

“पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल”

पीसी शर्मा ने कहा कि इस तरह की गोपनीयता चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा प्रभावित हो रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि न्यायालय सच्चाई सामने लाकर लोकतंत्र की रक्षा करेगा

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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