भोपाल में आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती, 15 से अधिक दुकानें-होटल सील

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भोपाल में आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती, 15 से अधिक दुकानें-होटल सील


भोपाल में आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती, 15 से अधिक दुकानें-होटल सील


टैटू शॉप पर कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद पति की निगम अमले से बहस

भोपाल, 01 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने शनिवार से बड़ा अभियान शुरू कर दिया। अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां, रोहित नगर समेत कई इलाकों में कार्रवाई करते हुए दोपहर तक 15 से अधिक दुकानों, शोरूम, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। कई भवनों के बाहर निगम ने बोर्ड भी लगा दिए, जिन पर लिखा है कि इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।

नगर निगम के अनुसार अब तक शहरभर में 1018 नोटिस जारी किए जा चुके हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान वार्ड-52 के बावड़ियाकलां स्थित एक टैटू शॉप को सील करने पहुंची निगम टीम की भाजपा पार्षद के पति एवं पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार से तीखी बहस हो गई। पाटीदार ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया। मौके पर मौजूद एक कर्मचारी से उनकी कहासुनी भी हुई, जिसके बाद जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

रामबाबू पाटीदार का कहना था कि व्यापारियों को रातों-रात नोटिस थमा दिए गए, जिससे उनमें असमंजस और भय का माहौल बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नियमों के तहत कार्रवाई हो रही है तो इसकी शुरुआत पूरे शहर में समान रूप से होनी चाहिए, न कि केवल चुनिंदा इलाकों से।

निगम का पक्ष: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नियमानुसार जारी नोटिसों के आधार पर की जा रही है। उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले ही नोटिस देकर समय दिया गया था। कई व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद भी कर दी हैं। आगामी आदेश तक इन परिसरों में व्यवसाय संचालित नहीं किया जा सकेगा।

रहवासियों की शिकायतों के बाद तेज हुई कार्रवाई

शहर के कई आवासीय इलाकों में वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के कारण ट्रैफिक, पार्किंग और अन्य समस्याओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों के रहवासियों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां के 19 बड़े शोरूम और रेस्त्रां को पहले 24 घंटे के भीतर तालाबंदी के नोटिस दिए गए थे, जिन पर शनिवार को कार्रवाई की गई।

61 और प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई

नगर निगम के अनुसार अभियान आगे भी जारी रहेगा। अरेरा कॉलोनी के 9 और बावड़ियाकलां के 10 प्रतिष्ठानों सहित कुल 61 और व्यावसायिक परिसरों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि आवासीय प्लॉटों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

व्यापारी बोले- हमारी क्या गलती?

कार्रवाई के विरोध में 10 नंबर मार्केट सहित कई क्षेत्रों के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारी वर्षों से कमर्शियल दर पर बिजली बिल, संपत्ति कर और अन्य करों का भुगतान कर रहे हैं। उनके पास नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस और जीएसटी पंजीयन भी है। उनका कहना है कि वर्ष 2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, जिससे पर्याप्त कमर्शियल क्षेत्र विकसित नहीं हो सके। ऐसे में व्यापारी मजबूरी में आवासीय परिसरों से व्यवसाय चला रहे हैं। उन्होंने सरकार से गुजरात की तर्ज पर नया कानून या मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

चैंबर ऑफ कॉमर्स भी व्यापारियों के समर्थन में

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) ने भी नगर निगम की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल और सचिव अजय देवनानी ने कहा कि हजारों व्यापारी वर्षों से नियमों के तहत करों का भुगतान कर रहे हैं। नया मास्टर प्लान लागू न होने के कारण उन्हें वैकल्पिक व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। चैंबर का कहना है कि अस्पताल, बैंक, क्लीनिक, शोरूम और अन्य संस्थान वर्षों से इन क्षेत्रों में संचालित हैं तथा सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व दे रहे हैं। ऐसे में बिना व्यवहारिक विकल्प दिए केवल 10 दिन का समय देकर प्रतिष्ठान बंद कराना न तो व्यावहारिक है और न ही न्यायसंगत।

फिलहाल नगर निगम का अभियान जारी है, जबकि व्यापारी संगठनों ने कार्रवाई पर रोक और मिक्स लैंड यूज नीति लागू करने की मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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