भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी को धरना स्थल से ले गई पुलिस, साथियों ने कहा- आंदोलन और तेज करेंगे
भोपाल, 25 अगस्त (हि.स.)। शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत को पुलिस एंबुलेंस से धरना स्थल से अपने साथ ले गई। आंदोलन से जुड़े अभ्यर्थियों के अनुसार, नरेंद्र को हमीदिया अस्पताल ले जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नरेंद्र को धरना स्थल से ले जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस भी हुई। घटना से जुड़े वीडियो में कुछ अभ्यर्थी एंबुलेंस रोककर नरेंद्र को कहां ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी मांगते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस का दरवाजा खोलने की मांग भी की।
एंबुलेंस के पास हुआ विवाद
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने शुरुआत से ही प्रशासन के साथ सहयोग किया है। इसके बावजूद नरेंद्र को बिना स्पष्ट जानकारी दिए धरना स्थल से ले जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी पूछा कि यदि नरेंद्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना था, तो उन्हें पहले जिस अस्पताल ले जाया गया, वहां से दूसरी जगह क्यों ले जाया गया। नरेंद्र को ले जाने के बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने प्रशासन से उनके स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। उनका कहना है कि साथी अभ्यर्थी के स्वास्थ्य को लेकर वे चिंतित हैं।
आंदोलन खत्म नहीं होगा, अभ्यर्थियों ने कही तेज करने की बात
नरेंद्र को धरना स्थल से ले जाने की जानकारी के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने वीडियो और संदेश जारी कर अन्य अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नरेंद्र को ले जाने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने सहित उनकी मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
श्याम बाबा की तस्वीर को लेकर भी हुआ विवाद
एंबुलेंस के पास हुए विवाद के दौरान श्याम बाबा की तस्वीर को लेकर भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी के पैर से तस्वीर को चोट लगी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने तस्वीर हाथ में लेकर विरोध जताया और नारेबाजी की। हालांकि, तस्वीर को पैर लगने के आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रशासन से स्वास्थ्य की जानकारी देने की मांग
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने नरेंद्र राजपूत के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि नरेंद्र को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से नरेंद्र के स्वास्थ्य और इलाज से संबंधित स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन भी जारी
इधर, भोपाल में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन भी जारी है। छात्र परीक्षा, रिजल्ट, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और छात्रवृत्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

