भोपाल: नीट-यूजी परीक्षा की सुरक्षा पर पुलिस मुख्यालय सख्त, 38 साइबर कमांडो रखेंगे नजर, पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस

WhatsApp Channel Join Now
भोपाल: नीट-यूजी परीक्षा की सुरक्षा पर पुलिस मुख्यालय सख्त, 38 साइबर कमांडो रखेंगे नजर, पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस


डीजीपी ने सभी एसपी के साथ की समीक्षा बैठक, 21 जून की परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश

भोपाल, 16 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित संचालन को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या साइबर माध्यम से होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रदेशभर में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन एवं भंडारण, साइबर मॉनिटरिंग, यातायात व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

डीजीपी मकवाणा ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रश्नपत्रों के प्राप्त होने से लेकर उनके सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने, परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं एवं गोपनीय सामग्री की सुरक्षित वापसी तक पूरी प्रक्रिया त्रुटिरहित और सुरक्षित रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

20 जून तक सभी केंद्रों का निरीक्षण

डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे 20 जून तक अपने-अपने जिलों के सभी परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों और संबंधित बैंकों का स्वयं निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), सुरक्षा बलों की तैनाती, अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था तथा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का विशेष परीक्षण किया जाएगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पेपर लीक रोकने 38 साइबर कमांडो तैनात

परीक्षा के दौरान साइबर अपराधों और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों पर नजर रखने के लिए प्रदेश के 38 प्रशिक्षित साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप्स और अन्य डिजिटल माध्यमों की लगातार निगरानी की जाए। पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र, दुष्प्रचार या परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं को तत्काल चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूर्व में परीक्षा संबंधी अपराधों में शामिल रहे व्यक्तियों और संदिग्ध तत्वों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा।

पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस

डीजीपी मकवाणा ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। पेपर लीक, नकल, फर्जीवाड़े या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करें।

होटल, लॉज और कोचिंग संस्थानों पर भी रहेगी नजर

पुलिस ने परीक्षा से पहले और परीक्षा अवधि के दौरान होटल, लॉज, छात्रावास, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तरीय समन्वय समितियों को लगातार सक्रिय रखने और परीक्षा से पूर्व अंतिम 72 घंटों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रदेश में 283 केंद्रों पर होगी परीक्षा

बैठक में बताया गया कि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश में कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) ए. साईं मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक तरुण नायक, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, एटीएस पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

Share this story