भोपाल: वकील से मारपीट के आरोप में जहांगीराबाद टीआई समेत 3 सस्पेंड, रात 3 बजे तक थाने का घेराव, एफआईआर की मांग पर अड़े अधिवक्ता
भोपाल, 23 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट के मामले में बुधवार काे पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप भी शामिल हैं। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने तीनों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में तीनों को रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है। मामले की प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जहांगीराबाद थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर हरिकिशन लोहिया को दी गई है।
दरअसल घटना मंगलवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। बैरागढ़ कलां निवासी 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल कोर्ट का काम पूरा करने के बाद घर लौट रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते कंट्रोल रूम तिराहे के पास रास्ता बंद था। रावल के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक दिया। उन्होंने बैरागढ़ जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता पूछा, जिसको लेकर पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। रावल का आरोप है कि उन्हें पुलिसकर्मी जहांगीराबाद थाने ले गए और वहां उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें कीचड़ में गिराकर डंडों से पीटा गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। करीब 50 वकीलों ने देर रात करीब 3 बजे तक थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की। वकीलों की ओर से जारी वीडियो में राकेश रावल के कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई देने का दावा किया गया है। बुधवार सुबह जिला अदालत में भी अधिवक्ताओं ने विरोध जताया और मामले में कार्रवाई की मांग की।
वहीं, पुलिस का पक्ष भी मामले में सामने आया है। निलंबित किए जाने से पहले थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार का कहना था कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने ट्रैफिक एसीपी अजय बाजपेई के साथ बदसलूकी की थी। उनके अनुसार, अधिवक्ता ने सरेराह एसीपी को अपशब्द कहे और समझाइश के बाद भी विवाद जारी रहा। थाना प्रभारी ने घटनाक्रम का वीडियो पुलिस के पास होने की बात भी कही थी।
मामला बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वकीलों से बातचीत की। पुलिस प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच का आश्वासन दिया गया। इसके बाद डीसीपी जोन-1 ने टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
अब प्राथमिक जांच में रास्ता बंद होने से शुरू हुए विवाद से लेकर अधिवक्ता को थाने लाने, थाने में हुई कार्रवाई और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं की मांग है कि मारपीट के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

