भोपाल में स्वास्थ्य विभाग पर सवाल, सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को नोटिस, एनएसयूआई ने लगाए गंभीर आरोप

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भोपाल में स्वास्थ्य विभाग पर सवाल, सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को नोटिस, एनएसयूआई ने लगाए गंभीर आरोप


भोपाल, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। टीकाकरण अभियान में कथित लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस ने डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है, अन्यथा नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले में तय लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं हो सकी, जिससे राज्य की समग्र उपलब्धियों पर नकारात्मक असर पड़ा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जवाब तलब किया गया है।

इधर, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मंगलवार काे सीएमएचओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान देने के बजाय फर्जी अस्पतालों से कथित वसूली में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत के साथ मिलकर फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं।

रवि परमार ने कहा कि “राजधानी में ही टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक है, ऐसे में पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

वहीं, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉ. मनीष शर्मा के खिलाफ पहले से लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज होने के बावजूद उन्हें भोपाल जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी देना चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि सीएमएचओ को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन स्वास्थ्य संचालनालय और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास का घेराव करेगा तथा प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

संगठन ने दोहराया कि वह प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और आमजन के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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