भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर पुलिस से झड़प, वाटर कैनन चलाया

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भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर पुलिस से झड़प, वाटर कैनन चलाया


भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर पुलिस से झड़प, वाटर कैनन चलाया


भोपाल, 28 सितंबर (हि.स.)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, अरेरा हिल्स तक पैदल मार्च के बाद कार्यकर्ताओं ने घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।

एसआईआर और मतदाता सूची पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के पंजीयन और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। हरीश चौधरी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। जीतू पटवारी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बना रहना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उमंग सिंघार ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। एक कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनकर जंजीरों में बंधा हुआ प्रतीकात्मक प्रदर्शन करता नजर आया। पटवारी और सिंघार भी उसके साथ दिखाई दिए। कुछ कार्यकर्ताओं के बैरिकेड्स पर चढ़ने के वीडियो भी सामने आए हैं।

मीडिया रिपोर्ट का भी दिया हवाला

कांग्रेस नेताओं ने मीडिया में छपी 25 सितंबर की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें नए मतदाताओं के पंजीयन, मतदाता नाम हटाने-बहाल करने, फॉर्म-6 और मतदाता सूची के डिजिटल डेटा से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

वहीं, निर्वाचन आयोग ने इन आपत्तियों को सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा बताते हुए अपनी ओर से प्रतिक्रिया दी है। 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने दोनों आयुक्तों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों के बीच कई नए निर्णय भी लिए हैं।

नेताओं ने लगाए अलग-अलग आरोप

दिग्विजय सिंह और सज्जन सिंह वर्मा समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और इससे चुनाव परिणामों पर असर पड़ने के आरोप लगाए। हालांकि, ऐसे दावों को कांग्रेस नेताओं के आरोप के रूप में ही रखा जाना चाहिए। वहीं, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने मतदाता सूची, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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