भोपाल में 30 हजार कारोबारियों पर कार्रवाई की तैयारी, नोटिस के विरोध में उतरा चैंबर ऑफ कॉमर्स, सीलिंग रोकने की मांग

WhatsApp Channel Join Now
भोपाल में 30 हजार कारोबारियों पर कार्रवाई की तैयारी, नोटिस के विरोध में उतरा चैंबर ऑफ कॉमर्स, सीलिंग रोकने की मांग


भोपाल, 25 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। पहले चरण में 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम का अनुमान है कि शहर में करीब 30 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। इस बीच भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व्यापारियों के समर्थन में खुलकर सामने आया है और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

नगर निगम ने मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम-1956 के तहत नोटिस जारी कर संबंधित प्रतिष्ठानों को 27 जुलाई तक वैध अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज नहीं देने या अवैध व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं करने पर सीलिंग की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है। निगम को 30 जुलाई तक कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल करना है, जबकि मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को प्रस्तावित है।

'बिना विकल्प कार्रवाई हजारों परिवारों पर असर डालेगी'

राजधानी भाेपाल में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि दशकों से संचालित दुकानों और प्रतिष्ठानों को महज 10 दिन का समय देकर बंद कराना व्यावहारिक नहीं है। इससे हजारों छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यापारियों के पास नगर निगम का लाइसेंस, जीएसटी पंजीयन और गुमास्ता लाइसेंस जैसे आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए कार्रवाई करना उचित नहीं है।

'मिक्स्ड लैंड यूज' और नए मास्टर प्लान तक राहत की मांग

चैंबर ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख मार्गों और व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों में मिक्स्ड लैंड यूज नीति लागू कर वर्षों से संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को वैधानिक मान्यता दी जाए। साथ ही, जब तक भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो जाता, तब तक नगर निगम की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने और व्यापारियों के लिए पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

गोविंद गोयल ने बताया कि व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में होने की बात कहते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

आंदोलन की चेतावनी

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो शहर के सभी व्यापारिक संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। व्यापारियों ने मांग की है कि स्थायी समाधान निकलने तक सीलिंग जैसी दंडात्मक कार्रवाई स्थगित रखी जाए।

नगर निगम का पक्ष

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के अनुसार अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़िया कला, कोलार रोड, अशोका गार्डन, इंद्रपुरी, पिपलानी, 10 नंबर क्षेत्र और संत हिरदाराम नगर सहित कई रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इन्हें नियमानुसार करने के लिए चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

Share this story