अयोध्या के बाद भोजशाला सनातन आस्था की दूसरी बड़ी जीत : जयभान सिंह पवैया

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अयोध्या के बाद भोजशाला सनातन आस्था की दूसरी बड़ी जीत : जयभान सिंह पवैया


अयोध्या के बाद भोजशाला सनातन आस्था की दूसरी बड़ी जीत : जयभान सिंह पवैया


धार, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया मंगलवार को धार पहुंचे। उन्होंने भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी का पूजन-अर्चन कर महाआरती में भाग लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हनुमान चालीसा, श्रीराम स्तुति और सरस्वती वंदना का पाठ किया गया।

इस अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए जयभान सिंह पवैया ने भोजशाला को सनातन आस्था और अस्मिता से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या के पश्चात भोजशाला को सनातन परंपरा की दूसरी बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने करीब तीन दशक पुराने 6 दिसंबर 1996 के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि उस समय गंगाजल अर्पित करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोककर गिरफ्तार किया था। आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को धार और उज्जैन की भेरूगढ़ जेल में रखा गया था। उन्होंने कहा कि उस आंदोलन ने भोजशाला मुक्ति अभियान को नई दिशा दी और यह विषय देशभर में चर्चा का केंद्र बना।

पवैया ने कहा कि लंबे संघर्ष और अनेक लोगों के बलिदान के बाद भोजशाला के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को पहचान मिली है। उन्होंने आंदोलन में बलिदान देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला परिसर में सरस्वती लोक विकसित करने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे धार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले पवैया

राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले पर जयभान सिंह पवैया ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के निर्देश दिए हैं और एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और सोशल मीडिया का एक वर्ग इस मामले के जरिए राम मंदिर और अयोध्या की आस्था को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध से भगवान राम की महिमा और राम जन्मभूमि की पवित्रता प्रभावित नहीं हो सकती।

हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

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