बेतवा को नया जीवन देने जुटे लोग, झिरी में एक दिन में बने 28 चेक डैम, 6 दिन में आंकड़ा 55 पहुंचा

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बेतवा को नया जीवन देने जुटे लोग, झिरी में एक दिन में बने 28 चेक डैम, 6 दिन में आंकड़ा 55 पहुंचा


भोपाल, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास झिरी स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहा श्रमदान अभियान शुक्रवार काे लगातार छठे दिन भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। शुक्रवार को श्रमदानियों ने रिकॉर्ड 28 नए चेक डैम तैयार किए। इसके साथ ही पिछले छह दिनों में बनाए गए चेक डैम की कुल संख्या 55 तक पहुंच गई है। अभियान शनिवार को भी जारी रहेगा।

दरअसल, बेतवा नदी के सूख चुके उद्गम स्थल को फिर से जीवंत बनाने के उद्देश्य से 10 मई से श्रमदान सप्ताह की शुरुआत की गई थी। शुक्रवार सुबह करीब 30 श्रमदानी झिरी पहुंचे और तेज धूप के बावजूद पूरे जोश के साथ काम में जुट गए। इस बार श्रमदान में शामिल लोगों की संख्या पिछले दिनों की तुलना में अधिक रही। भोपाल के अलावा विदिशा, आष्टा और जौनपुर से आए लोगों ने भी अभियान में भाग लिया। वन विभाग के कर्मचारियों ने भी श्रमदान कर इस मुहिम को मजबूती दी।

चिलचिलाती गर्मी के बीच श्रमदानियों के उत्साह ने नया रिकॉर्ड बना दिया। केवल एक दिन में 28 चेक डैम बनाकर उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की। खास बात यह है कि इस वर्ष अब तक हुए श्रमदान में पिछले पूरे वर्ष के बराबर 55 चेक डैम तैयार किए जा चुके हैं।

8 फीट मलबे में दबा पार्वती कुंड फिर हुआ जीवंत

नदी क्षेत्र के सबसे ऊंचे पार्वती कुंड को भी श्रमदान के जरिए पुनर्जीवित किया गया है। यह कुंड करीब आठ फीट मलबे में दबकर पूरी तरह बंद हो चुका था। अब इसके फिर से जीवंत होने से क्षेत्र के वन्यजीवों को पानी मिलने लगा है और वे यहां अपनी प्यास बुझा रहे हैं। जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन की यह पहल अब लोगों के जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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