गौरीघाट की बदली तस्वीर: 85 प्रतिशत तक भिक्षावृत्ति में कमी, स्वच्छता और सुरक्षा पर नगर निगम का फोकस

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गौरीघाट की बदली तस्वीर: 85 प्रतिशत तक भिक्षावृत्ति में कमी, स्वच्छता और सुरक्षा पर नगर निगम का फोकस


जबलपुर, 02 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मां नर्मदा के पावन तट गौरीघाट की तस्वीर तेजी से बदल रही है। नगर निगम के विशेष अभियान के चलते यह घाट अब स्वच्छता के साथ-साथ भिक्षावृत्ति मुक्त होने की दिशा में भी बड़ी उपलब्धि दर्ज कर रहा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के नेतृत्व में चलाए गए प्रयासों से गौरीघाट पर सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आने लगा है।

नगर निगम द्वारा किए गए सर्वे में चिन्हित 367 भिक्षुओं में से करीब 85 प्रतिशत को सफलतापूर्वक अन्य स्थानों पर पुनर्वासित किया जा चुका है। यह पहल न केवल घाट की व्यवस्था सुधारने में सहायक बनी है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ाने का भी माध्यम बनी है। शेष भिक्षुओं के पुनर्वास के लिए भी कार्य तेजी से जारी है, ताकि उन्हें आजीविका से जोड़कर मुख्यधारा में लाया जा सके।

शनिवार को निगमायुक्त ने गौरीघाट का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से संवाद कर उन्हें स्वच्छता अभियान से जोड़ने की पहल की। अब घाट के दुकानदार ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में कार्य करेंगे, जो न केवल अपने आसपास सफाई रखेंगे बल्कि श्रद्धालुओं को भी कचरा न फैलाने के लिए जागरूक करेंगे।

इधर, हाल ही में हुए बरगी क्रूज हादसे के बाद नगर निगम पूरी तरह सतर्क नजर आया। निगमायुक्त अपनी टीम के साथ गौरीघाट पहुंचे और नाविकों से सीधा संवाद कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। नाविकों ने सभी नावों में लाइफ जैकेट उपलब्ध होने की जानकारी दी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया।

सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त ने बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से नौकाविहार से बचें।

नगर निगम का यह संयुक्त अभियान अब गौरीघाट को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित धार्मिक स्थल के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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