ग्वालियरः प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे सागरताल का सौंदर्यीकरण लेने लगा आकार

ग्वालियरः प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे सागरताल का सौंदर्यीकरण लेने लगा आकार
ग्वालियरः प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे सागरताल का सौंदर्यीकरण लेने लगा आकार


- “जल गंगा संवर्धन अभियान” में प्रमुखता से शामिल किया गया है सागरताल

ग्वालियर, 09 जून (हि.स.)। पुरानी एवं ऐतिहासिक जल संरचनाओं का सौंदर्यीकरण व पुनर्जीवन भी “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत हो रहा है। इसी क्रम में ग्वालियर शहर में स्थित ‘सागरताल’ का गहरीकरण व सौंदर्यीकरण नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है। प्रयास ऐसे किए जा रहे हैं कि सागरताल जल संरक्षण में महती भूमिका निभाए, साथ ही यह स्थल अपने पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए एक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो। सागरताल के सौंदर्यीकरण में जनप्रतिनिधिगण व क्षेत्रीय नागरिक भी हाथ बटा रहे हैं।

जनसम्पर्क अधिकारी हितेन्द्र सिंह भदौरिया ने रविवार को बताया कि नगर निगम द्वारा सागरताल के सौंदर्यीकरण पर करीबन तीन करोड रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है। अभी तक सागरताल के आसपास फ्लोरिंग का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। साथ ही सागरताल को खाली कर गहरीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। सागरताल के आसपास चार एकड़ में फ्लोरिंग पेवर्स इत्यादि लगाए जाने हैं। साथ ही सागरताल के आसपास पूरी बाउंड्री वॉल पर सुंदर व आकर्षक पेंटिंग की जाएगी। सभी काम इस प्रकार से कराए जा रहे हैं, जिससे यह सरोवर अपने प्राचीन सौंदर्य को हासिल कर सके।

लगभग चार एकड़ क्षेत्रफल में फैला है प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे यह सरोवर

शहर के सबसे प्राचीन तालाबों में शुमार सागरताल परिसर का क्षेत्रफल चार एकड़ है। यह सरोवर अपने प्राकृतिक सौंदर्य और विपरीत परिस्थितियों में भी खाली न होने के कारण अपनी खास पहचान रखता है। इस सरोवर को स्वच्छ सर्वेक्षण में भी शामिल किया गया है।

सागरताल के सौंदर्यकरण को लेकर जो कार्ययोजना तैयार की गई है, उसके अनुसार तालाब के चारों ओर स्पेन फ्लोरिंग बनाई जाएगी। साथ ही पाथ-वे के लिए पेवर्स कार्य किया जाएगा। तालाब के आसपास हरियाली को बढ़ावा देने के लिए सुंदर-सुंदर प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे। साथ ही तालाब के पास जन सुविधा के लिए एक सार्वजनिक शौचालय भी बनाया जाएगा। तालाब का गहरीकरण भी प्रमुखता से किया जाना है।

कहीं तालाब गहरा करने तो कहीं नदी-नालों के सौंदर्यीकरण में जुटे हैं ग्रामीणजन

जिले में कहीं नदी-नाला तो कहीं तालाब और कहीं पर्कुलेशन टैंक तो कहीं कंटूर ट्रैंच बनाने में ग्रामीणजन जुटे हैं। जिले की डबरा तहसील के ग्राम मिलघन के लिधौरा तालाब का गहरीकरण सरकारी योजनाओं एवं जन सहयोग से हो रहा है। इसी तरह भितरवार विकासखंड की ग्राम पंचायत पुराबनवार के बेरनी नाला के सौंदर्यीकरण कार्य में ग्रामीणजन सहयोग के लिये आगे आए हैं।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत वर्षा जल की बूँद-बूँद सहेजने के लिये सरकार व समाज के साझा प्रयासों से जल संरक्षण के यह सब काम हो रहे हैं। लिधौरा तालाब के गहरीकरण का कार्य लगभग 7 लाख रूपए की लागत से होने जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद इस तालाब में लगभग 4 हजार घन मीटर जल संग्रहण हो सकेगा। तालाब के पानी का उपयोग ग्रामीणों की निस्तार संबंधी जरूरतों के साथ-साथ सिंचाई में भी होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश / उमेद

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