बैरिकेड तोड़कर इंदौर कलेक्टर कार्यालय परिसर में घुसे एबीवीपी कार्यकर्ता, गेट तोड़ने की कोशिश

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बैरिकेड तोड़कर इंदौर कलेक्टर कार्यालय परिसर में घुसे एबीवीपी कार्यकर्ता, गेट तोड़ने की कोशिश


इंदौर, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को इंदौर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के गेट को भी तोड़ने की कोशिश की। मौके पर तैनात सुरक्षा बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कार्यकर्ता शासकीय कॉलेजों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। प्रदर्शनकारियों के परिसर में प्रवेश करने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। कुछ समय तक परिसर में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।

कॉलेजों में सुविधाओं की कमी का आरोप

एबीवीपी छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है। संगठन का कहना है कि कई कॉलेजों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त एवं साफ शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं जैसी आवश्यक सुविधाएं या तो पर्याप्त नहीं हैं या उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं है। कार्यकर्ताओं ने बिजली और प्रकाश व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा, खेल मैदान एवं खेल सामग्री, पार्किंग, सुरक्षा तथा प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए।

छात्राओं की सुविधाओं और सुरक्षा पर भी सवाल

प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि कॉलेज परिसरों में विद्यार्थियों की जरूरत के मुताबिक आधारभूत सुविधाएं होना जरूरी है। शिक्षा की गुणवत्ता केवल पाठ्यक्रम और शिक्षण व्यवस्था से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मिलने वाले सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण से भी जुड़ी है।

‘मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न हों विद्यार्थी’

एबीवीपी नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को पीने के पानी, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शासन और महाविद्यालय प्रशासन को इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए। संगठन ने शासकीय कॉलेजों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़े जाने और गेट तक पहुंचने की कोशिश के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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