मप्र:अकीदत और सौहार्द के साथ मनाई जा रही बकरीद, प्रदेशभर की मस्जिदों में अदा हुई नमाज

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मप्र:अकीदत और सौहार्द के साथ मनाई जा रही बकरीद, प्रदेशभर की मस्जिदों में अदा हुई नमाज


मप्र:अकीदत और सौहार्द के साथ मनाई जा रही बकरीद, प्रदेशभर की मस्जिदों में अदा हुई नमाज


मप्र:अकीदत और सौहार्द के साथ मनाई जा रही बकरीद, प्रदेशभर की मस्जिदों में अदा हुई नमाज


भोपाल, 28 मई (हि.स.)। राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व अकीदत, भाईचारे और सौहार्द के वातावरण में मनाया जा रहा है। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने विशेष नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी गई।

भोपाल की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद में हजारों अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। इस दौरान इमाम ने देश में एकता, प्रेम और न्यायपूर्ण माहौल कायम रहने की दुआ कराई। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की तरक्की तभी संभव है, जब समाज में भाईचारा और आपसी विश्वास मजबूत हो। दुआ में बेरोजगारों को रोजगार, बीमारों को शिफा और परेशान लोगों को राहत मिलने की कामना भी की गई। इमाम ने समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करने, दीन की खिदमत में लगे लोगों की हिफाजत और प्रदेश की खुशहाली के लिए भी विशेष प्रार्थना की। नमाज के बाद मस्जिद परिसर में लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया।

कुर्बानी के वीडियो वायरल न करने की अपील

बकरीद के अवसर पर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने कुर्बानी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने अपील की है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए तथा साफ-सफाई और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी स्थल को चारों ओर से ढंककर व्यवस्थित किया जाए और अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि कुर्बानी के फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा न करें, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।

वक्फ बोर्ड के प्रमुख निर्देश

-कुर्बानी केवल निर्धारित स्थलों पर ही की जाए।

- साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।

- प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न की जाए।

- अवशेष खुले में न छोड़े जाएं।

- सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल करने से बचें।

- नमाज केवल ईदगाह और मस्जिद परिसरों में ही अदा करें।

- प्रशासन और स्थानीय निकायों से समन्वय बनाए रखें।

इंदौर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

इंदौर के सदर बाजार ईदगाह में शहर काजी डॉ. इशरत अली ने नमाज से पहले सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की वकालत करते हुए कहा कि इससे समाज में फैली गलतफहमियां दूर होंगी और आपसी विश्वास मजबूत होगा। ईदगाह में मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर उनका समर्थन किया। इंदौर में 50 वर्षों से चली आ रही हिंदू-मुस्लिम एकता की परंपरा भी इस बार निभाई गई। शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने की जिम्मेदारी हर बार की तरह हिंदू परिवार ने निभाई। जैसे ही शहर काजी अपने घर से बाहर आए। हिंदू परिवार ने फूलों का हार पहनाकर उनका स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद उन्हें खास तौर पर सजाई गई बग्घी/कार में ससम्मान ईदगाह लाया गया। इस दृश्य ने शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की संस्कृति को फिर उजागर किया।

ग्वालियर में उमड़ा भाईचारे का माहौल

ग्वालियर में जामा मस्जिद मुरार, शाही जामा मस्जिद, ईदगाह मुरार सहित शहर की प्रमुख मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई। नमाज के बाद विभिन्न धर्मों के लोग मस्जिदों के बाहर मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की बधाई देते नजर आए। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

मोती मस्जिद के अध्यक्ष मोहसिन रहमान ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। वहीं इमाम मुफ़्ती नफीस मरकज़ी ने देश में शांति और सद्भाव के लिए विशेष दुआ कराई।

बैतूल में शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई नमाज

बैतूल जिले की सदर ईदगाह में मुख्य नमाज जामा मस्जिद के इमाम मौलाना जावेद चिश्ती ने पढ़ाई। जिलेभर की मस्जिदों में पूर्व निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने स्पष्ट किया था कि तय समय के अतिरिक्त कोई दूसरी जमात नहीं होगी। प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे।

नर्मदापुरम में 2500 से अधिक लोगों ने पढ़ी नमाज

नर्मदापुरम में मुख्य ईदगाह पर करीब 2500 लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। गर्मी को देखते हुए सुबह जल्दी नमाज आयोजित की गई। शहर काजी हाफिज मोहम्मद अशफाक अली ने कहा कि यह पर्व त्याग और कुर्बानी की भावना का प्रतीक है तथा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। ईदगाह और मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे जिले में पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम

प्रदेशभर में ईद-उल-अजहा को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई शहरों में नमाज के दौरान यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किए गए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। त्योहार के दौरान प्रदेश के विभिन्न शहरों में भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक समरसता की सुंदर तस्वीर देखने को मिली।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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