राजगढ़ः ऑटो गैरेज पर मिला 13 साल का बाल श्रमिक, संयुक्त टीम ने कराया मुक्त
राजगढ़, 03 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रम, पुलिस विभाग और अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम ने गुरुवार को ब्यावरा नगर में विभिन्न प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुरानी नगर पालिका कॉम्प्लेक्स स्थित मां कालका ऑटो गैरेज में 13 वर्षीय बालक काम करते हुए मिला। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक को काम से मुक्त कराया।
निरीक्षण के दौरान बाल श्रमिक मिलने पर संयुक्त टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति द्वारा बालक के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार बालक की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। गैरेज संचालक पर दर्ज किया प्रकरण मामले में गैरेज संचालक के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। टीम ने अन्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को भी बाल श्रम से संबंधित कानूनों की जानकारी दी और बच्चों को किसी भी प्रकार के काम में नियोजित नहीं करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने बाल श्रम के खिलाफ अभियान को लगातार प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाल श्रम पाए जाने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों से श्रम न कराएं और बाल श्रम की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचना दें। अभियान के तहत बच्चों को काम से मुक्त कराने के साथ उनके संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

