अशोकनगर: विधायक गायब, शिलालेख पर पूर्व विधायक हाजिर! डाकघर लोकार्पण से छिड़ा सियासी संग्राम
अशोकनगर,19 अक्टूबर(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में नए डाकघर के लोकार्पण के शिलालेख में वर्तमान विधायक की जगह पूर्व विधायक का नाम लिखे जाने को लेकर सियासत गर्म हो गई है। इसे लोकतांत्रिक मर्यादा, जनप्रतिनिधि के प्रोटोकॉल और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए मामले को विधानसभा तक ले जाने का ऐलान किया है।
सोमवार को जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय, जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह और प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव ने भाजपा और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
दरअसल, शनिवार को क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने विभाग के नए प्रधान डाकघर का लोकार्पण किया था। कार्यक्रम के शिलालेख में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नाम के साथ वर्तमान विधायक इंजीनियर हरिबाबू राय की जगह पूर्व विधायक का नाम दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में भी इसी तरह का उल्लेख किया गया, जबकि वर्तमान विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित तक नहीं किया गया।
‘यह महज गलती नहीं, जानबूझकर किया गया षड्यंत्र’विधायक हरिबाबू राय ने आरोप लगाया कि उनके साथ जो हुआ, वह महज प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया षड्यंत्र है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी कार्यक्रम में क्षेत्र का वर्तमान विधायक मौजूद है, तो उसके स्थान पर पूर्व विधायक का नाम कैसे दर्ज हो सकता है?
उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित विधायक के साथ ऐसा किया जा सकता है और वह भी सांसद सिंधिया की मौजूदगी में, तो फिर आम जनता के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा होगा।
हरिबाबू राय ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले पूर्व सांसद केपी यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और प्रशासन लगातार इन्हें नजरअंदाज करता रहा है।
‘कालनेमि प्रसंग अब कितना बाकी?’एक सवाल के जवाब में विधायक से लगातार सामने आ रहे ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों और ‘कालनेमि’ प्रसंग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह प्रसंग आधा समाप्त हो चुका है और 2028 के विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव तक पूरी तरह नेस्तनाबूद हो जाएगा।विधायक के इस बयान ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उनके बयान को आगामी चुनावों से जोडक़र देखा जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष को कराया अवगतविधायक हरिबाबू राय ने कहा कि पूरे मामले से विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में इस मामले को उठाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाएगा।
कांग्रेस ने पूछा—किसके इशारे पर हुआ पूरा घटनाक्रम?प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि शिलालेख और आमंत्रण पत्र में वर्तमान विधायक की जगह पूर्व विधायक का नाम लिखा जाना भाजपा नेताओं की कथित ओछी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कलेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक ओर किसान खाद और बिजली के लिए परेशान हैं, वहीं सत्ता पक्ष के नेता इस तरह की राजनीति में उलझे हैं। यादवेंद्र सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ किसान परेशान हैं और भाजपा के नेता नाच रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।
कांग्रेस का ऐलान—दोषियों पर होगी कार्रवाई की मांगजिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह ने कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की कथित उपेक्षा दोबारा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

