अशोकनगर: मुख्यमंत्री की घोषणा के दो साल बाद भी चंदेरी को नहीं मिला पर्यटन क्षेत्र का दर्जा

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अशोकनगर: मुख्यमंत्री की घोषणा के दो साल बाद भी चंदेरी को नहीं मिला पर्यटन क्षेत्र का दर्जा


अशोकनगर, 03 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में ऐतिहासिक, पुरातात्विक संपदा से समृद्ध और विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की जननी चंदेरी आज भी अपने आधिकारिक पर्यटन क्षेत्र के दर्जे का इंतजार कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कृषि उपज मंडी चंदेरी के प्रांगण में आयोजित भव्य मंच से चंदेरी को पर्यटन के तीर्थ के रूप में विकसित करने और इसे विधिवत पर्यटन क्षेत्र का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। हालांकि, घोषणा के दो वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी शासन स्तर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है, जो स्थानीय नागरिकों और पर्यटन प्रेमियों के लिए गहरी चिंता का विषय बना हुआ है।

आधिकारिक दर्जा न मिलने से पर्यटन विकास पड़ा ठप:समाज सेवी डॉ.योगेश मिश्रा एवं प्रबुद्ध जनों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल न होने के कारण चंदेरी का अपेक्षित पर्यटन विकास नहीं हो पा रहा है। यदि राज्य शासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए राजपत्र में इसके संबंध में अधिसूचना जारी कर दी जाती है, तो चंदेरी का बुनियादी ढांचा सुदृढ़ होगा और यहां पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

पर्यटन सर्किट से जुडऩे का रास्ता होगा साफ:चंदेरी के आधिकारिक रूप से पर्यटन क्षेत्र घोषित न होने के कारण यह अभी तक केंद्र और राज्य सरकार के अधिकृत पर्यटन सर्किट नेटवर्क का हिस्सा नहीं बन पाया है। कहना है कि पर्यटन दर्जा मिलते ही चंदेरी केंद्र सरकार की आधिकारिक पर्यटन सूची में प्रमुखता से दर्ज हो जाएगा।

पर्यटकों का रुझान: लिस्टिंग होने से देश-विदेश की ट्रेवल एजेंसियां और पर्यटक चंदेरी के ऐतिहासिक किलों, प्राकृतिक सौंदर्य, बैजू बावरा की सांस्कृतिक विरासत और चंदेरी साड़ी उद्योग का रुख कर सकेंगे।

यूनेस्को की स्थायी विरासत सूची में शामिल करने की मांग ने पकड़ा जोर चंदेरी को यूनेस्को की विश्व धरोहरों की स्थायी सूची में शामिल कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि चंदेरी को यूनेस्को की टेंटेटिव (अस्थायी) सूची में स्थान मिल चुका है, लेकिन इसे स्थायी सूची में दर्जा मिलना अभी बाकी है।

मंत्री के समक्ष उठा था मुद्दा: पिछले वर्ष आयोजित बैजू बावरा संगीत समारोह के दौरान क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के समक्ष चंदेरी को यूनेस्को की स्थायी सूची में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है।

मांग की गई है कि जन्माष्टमी पर की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की अधिसूचना शीघ्र जारी की जाए।

चंदेरी को यूनेस्को की स्थायी विश्व विरासत सूची में दर्ज कराने के लिए राज्य स्तर से प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि शासन का ध्यान इस ओर जल्द आकर्षित होगा और चंदेरी पर्यटन के मानचित्र पर अपना स्वर्णिम स्थान प्राप्त करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

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