अशोकनगर: सडक़ पर एक्टिंग देख थमी राहगीरों की रफ्तार, जब पुलिस ने बताया-एक घंटे में कैसे बचती है जान

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अशोकनगर: सडक़ पर एक्टिंग देख थमी राहगीरों की रफ्तार, जब पुलिस ने बताया-एक घंटे में कैसे बचती है जान


अशोकनगर: सडक़ पर एक्टिंग देख थमी राहगीरों की रफ्तार, जब पुलिस ने बताया-एक घंटे में कैसे बचती है जान


अशोकनगर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में जब गांधी पार्क के बीचों-बीच अचानक चीख-पुकार मची, तो लोग सहम गए... लेकिन अगले ही पल जब सच सामने आया, तो पूरा चौराहा तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा! यह कोई असली हादसा नहीं, बल्कि यातायात पुलिस का वो धमाकेदार नुक्कड़ नाटक था, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया।

एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर और एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में शुक्रवार को हुए इस आयोजन का मकसद था कि सडक़ पर तमाशबीन मत बनो, किसी की जिंदगी का फरिश्ता बनो।

गोल्डन ऑवर का खेल, एक्सीडेंट के बाद का पहला 1 घंटा तय करता है कि घायल जियेगा या मरेगा:नाटक में बताया गया कि मददगार को 25,000 का इनाम घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार देगी नकद सम्मान। वहीं बताया गया कि नो पुलिस, नो कोर्ट-कचहरी और मदद करने वालों से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगी, डरने की कोई बात नहीं। आयोजन में रियल लाइफ हीरो का सम्मान जान बचाने वाले राहवीर सुधीर शर्मा का मंच पर हुआ जोरदार स्वागत।

क्या है गोल्डन ऑवर का सच?नाटक के जरिए कलाकारों सुधीर शर्मा और सचिन त्यागी ने दिखाया कि हादसे के बाद शुरुआती 60 मिनट कितने कीमती होते हैं। अगर उस वक्त वीडियो बनाने या डरने के बजाय घायल को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो किसी का सुहाग, किसी का बेटा और किसी का बाप उजडऩे से बच सकता है। बताया गया कि हादसे के वक्त डरें नहीं, संकोच न करें। आपकी त्वरित सहायता किसी को नई जिंदगी दे सकती है। राहवीर योजना इसी मानवीय भावना का सम्मान है।

नेक बनो, राहवीर बनो... सरकार देगी 25,000!यातायात प्रभारी निरीक्षक मनीष सिंह चौहान ने मंच से घोषणा की कि अब घायलों की मदद करने से डरने की जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश शासन की राहवीर योजना के तहत घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को 25,000 की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। समाज में उन्हें सद्भावी नागरिक के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

मंच पर जब झुका पुलिस का सिर रियल हीरो सम्मानित:इस कार्यक्रम का सबसे खूबसूरत पल वह था, जब पूर्व में एक घायल की जान बचा चुके सुधीर शर्मा को पुलिस ने माल्यार्पण कर सम्मानित किया। पुलिस ने संदेश दिया कि समाज को ऐसे ही असली हीरोज की जरूरत है। इस दौरान हेड कांस्टेबल रामकृष्ण कश्यप, आरक्षक ब्रखभान धाकड़ और आरक्षक मंगल कुशवाह सहित सैकड़ों युवाओं और नागरिकों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और घायलों की मदद करने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार

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