अनूपपुर: अमरकंटक भक्ति से सराबोर,पौषी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी
अनूपपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध मॉ नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में शनिवार को पौष माह की पावन पूर्णिमा पर्व पर धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, तीर्थ यात्री एवं दर्शनार्थी ने मां नर्मदा के पावन तट रामघाट, कोटि तीर्थ घाट एवं कुंडों में आस्था की डुबकी लगाई।
शनिवार प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के रामघाट के दोनों तटों पर स्नानार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान-डुबकी का क्रम सुबह से प्रारंभ होकर शाम तक अनवरत चलता रहा। स्नान उपरांत भक्तों ने मां नर्मदा के उद्गम स्थल मंदिर में पहुंचकर पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन किया तथा दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्त अपने परिजनों के साथ ध्यान-साधना और भक्ति भाव में लीन नजर आए।
पौषी पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरकंटक का संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के जयकारों और मंत्रोच्चार से घाट एवं मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी इस पुण्य अवसर का लाभ लिया। उल्लेखनीय है कि पौषी पूर्णिमा के साथ छत्तीसगढ़ एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में मनाए जाने वाले परंपरागत छेरछेरा पुन्नी पर्व का उल्लास भी अमरकंटक में देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत करते हुए सुप्रसिद्ध रीना नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया। महिलाएं अपने स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में रीना गीत गाते हुए उत्साहपूर्वक नृत्य करती रहीं और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। दूरस्थ अंचलों से आए पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों ने इस लोक सांस्कृतिक आयोजन को अत्यंत जिज्ञासा एवं कौतूहल के साथ देखा। सामाजिकजनों ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया, जिससे लोक परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का संदेश भी मिला। पौषी पूर्णिमा के पावन पर्व पर अमरकंटक में धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस पवित्र तीर्थ नगरी को एक बार फिर श्रद्धा और उल्लास के रंगों से भर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

