उमरिया: बांधवगढ़ में फिर एक मादा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
उमरिया, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले का विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघों का कब्रगाह बन गया है। 20 दिन में चौथे बाघ की मौत से वन्य जीव प्रेमियों का दिल दहल गया। मंगलवार को फिर एक मादा बाघ की मौत की सूचना मिलते ही की वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक डाक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ के मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंच कर डॉग स्क्वाड से आसपास का एरिया सर्च करवाया गया। मृत मादा बाघ की उम्र लगभग 5 वर्ष है, जहां पर शव मिला है वह ग्राम गुरुवाही का निजी राजस्व क्षेत्र है, जो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर अंतर्गत बीट कुचवाही के कक्ष क्रमांक पी एफ -342 से करीब 250 मीटर दूर है। प्रारंभिक जांच में बाघ की मृत्यु का संभावित कारण आपसी संघर्ष प्रतीत होता है।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई व वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देशानुसार सभी प्रक्रियाएं अपनाई गईं है। मृत बाघ का पंचनामा तैयार कर स्थल को सुरक्षित किया गया मेटल डिटेक्टर से भी परीक्षण किया गया। सक्षम वन्य चिकित्सकों की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया गया और आवश्यक नमूने विधिवत संकलित कर परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया। सभी औपचारिकताओं के पूर्ण होने के बाद शव का अन्तिम संस्कार किया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों का सही पता चल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

