अनूपपुर: अमरकंटक में मौसम के दो अलग-अलग रंग, दिन में तेज धूप और रात में ठंडक

WhatsApp Channel Join Now
अनूपपुर: अमरकंटक में मौसम के दो अलग-अलग रंग, दिन में तेज धूप और रात में ठंडक


अनूपपुर: अमरकंटक में मौसम के दो अलग-अलग रंग, दिन में तेज धूप और रात में ठंडक


अनूपपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में वर्तमान में भीषण गर्मी का प्रकोप है, जिसके कारण जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 40°C तक पहुँच गया है और आने वाले दिनों में इसके 41°C से 43°C तक जाने की संभावना है।

वहीं मैकल पर्वतमालाओं के बीच स्थित हिल स्टेशन अमरकंटक में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा हैं। जहां दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं रात होते ही वातावरण में ठंडक घुल जाती है, जिससे लोगों को अभी भी पंखे बंद करने पड़ रहे हैं।

अनूपपुर जिले में वर्तमान में भीषण गर्मी का प्रकोप इतना हैं कि दोपहर में सड़के सूनी हो जाती हैं। शुक्रवार की दोपहर का तापमान 40°C तक पहुँच गया था। वहीं रात में पारा गिर कर 24-25°Cतक गिर जाता हैं। जिले में स्थित मध्य प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र अमरकंटक में गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। मैकल पर्वतमालाओं के बीच स्थित इस हिल स्टेशन पर इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं रात होते ही वातावरण में ठंडक घुल जाती है, जिससे लोगों को अभी भी पंखे बंद करने पड़ रहे हैं। शुक्रवार को अमरकंटक का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन में चुभन भरी गर्मी महसूस हुई। इसके विपरीत, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पर रहने से रातें काफी सुकून भरी बनी हुई हैं। वर्तमान मौसम की स्थिति के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 74 (शुद्ध वातावरण) और आर्द्रता 16% दर्ज की गई।

सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक तेज धूप और तपिश का असर रहता है, जबकि शाम 6 बजे के बाद ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो जाता है। हालांकि, अमरकंटक की जलवायु में अब बदलाव आ रहा है, जिसके गवाह यहां के बुजुर्ग हैं। स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि लगभग दो दशक पहले तक यहां का पर्यावरण इतना संतुलित था कि जैसे ही पारा 34 या 35 डिग्री तक पहुंचता था, बारिश शुरू हो जाती थी। इससे तापमान कभी अनियंत्रित नहीं होता था। इस बदलाव का मुख्य कारण साल के घने जंगलों का कम होना, जनसंख्या में वृद्धि, पक्के निर्माण और पर्यटन के बढ़ते दबाव से प्राकृतिक संतुलन में गिरावट है। जिस प्रकार यहां आबादी के साथ कंक्रीट के विकास कार्य हुए, उसके अनुपात में नर्मदा नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों को सघन वन क्षेत्र के रूप में विस्तारित नहीं किया गया और साल के पौधों की रोपाई भी नहीं की गई।

नागरिकों के अनुसार, पहले मई-जून के महीनों में भी यहां कूलर या एसी की जरूरत कभी महसूस नहीं होती थी। रातें इतनी ठंडी होती थीं कि लोग कंबल ओढ़कर सोते थे। हालांकि अब बढ़ते तापमान ने चिंता बढ़ा दी है, फिर भी प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में अमरकंटक की रातें आज भी किसी 'प्राकृतिक एयर कंडीशनर' से कम नहीं हैं।

भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जिले में लगातार बढ़ते तापमान के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों को लू (तापघात) के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए आवश्यक दिशानिर्देश और सलाह जारी की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने के कारण तापघात की स्थिति निर्मित होती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने हेतु प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, धूप में बाहर निकलते समय शरीर को हल्के रंग के सूती वस्त्रों से ढंक कर रखें और सिर पर टोपी या छाते का प्रयोग करें, सोशल मीडिया एवं समाचारों के माध्यम से प्रसारित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का अवलोकन करते रहें।

दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच धूप में न निकलें, इस समय लू लगने की संभावना अधिक होती है। चाय, कॉफी और मदिरा जैसे पदार्थों का अत्यधिक सेवन न करें, क्योंकि इनसे डिहाइड्रेशन बढ़ता है।

बासी भोजन के सेवन से बचें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें। अधिक मेहनत वाले कार्य करते समय समय-समय पर पानी पीते रहें।

चिकित्सेकीय परामर्श

यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना या जी मिचलाने जैसे लू के लक्षण महसूस हों, तो उसे तत्काल नजदीकी शासकीय चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार हेतु संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी गर्मी जनित बीमारियों के उपचार हेतु सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

Share this story