उज्जैन में नसबंदी शिविर में चूक का आरोप, महिला की हालत गंभीर
उज्जैन, 11 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के ग्राम झारड़ा में आयोजित नसबंदी शिविर के बाद एक महिला की हालत गंभीर हो जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने का गंभीर आरोप लगाया है। लगातार रक्तस्राव के चलते महिला की स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके बाद रविवार को परिजन उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां वह फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।
जानकारी के अनुसार नौ जनवरी, शुक्रवार को झारड़ा स्थित शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। इसी शिविर में ग्राम पिपल्या झारड़ा निवासी रुकमा बाई पति जितेंद्र गायरी (29 वर्ष) का ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. राजेंद्र उपलावदिया द्वारा किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद रुकमा बाई की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और ब्लडिंग बंद नहीं हुई।
परिजनों के मुताबिक महिला की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे तत्काल चरक अस्पताल रेफर कर दिया। महिला के पति जितेंद्र गायरी ने आरोप लगाया कि चरक अस्पताल में भी उसे समुचित उपचार नहीं मिला, जिसके बाद मजबूरी में निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। निजी अस्पताल में महिला का दोबारा ऑपरेशन किया गया, जहां उसकी जान बचाने के लिए करीब 20 यूनिट खून चढ़ाया गया। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में महिला का इलाज जारी है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि ऑपरेशन में लापरवाही नहीं होती तो महिला को इस गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक कुमार पटेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला को ऑपरेशन से पहले ही कई बीमारियां थीं, जिसके चलते सर्जरी के दौरान जटिलताएं आईं। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समय पर उपचार दिया और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

