अनूपपुर: 23 दिन बाद दोनों हाथी छत्तीसगढ़ की ओर लौटे

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अनूपपुर: 23 दिन बाद दोनों हाथी छत्तीसगढ़ की ओर लौटे


अनूपपुर: 23 दिन बाद दोनों हाथी छत्तीसगढ़ की ओर लौटे


अनूपपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 23 दिन तक अनूपपुर एवं जैतहरी वन परिक्षेत्र में विचरण करने बाद शनिवार - रविवार की देर रात दोनों हाथी छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा की ओर लौट गए है।

दोनों हाथी जैतहरी के उमरिया गांव अंतर्गत राजस्व क्षेत्र से गूजरनाला पार कर जरियारी होते छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वनमंडल एवं वनपरिक्षेत्र के सिवनी वन बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। हाथियों के छत्तीसगढ़ राज्य की ओर वापसी के बाद जैतहरी के ग्रामीणों ने जहां राहत पाई है, वहीं वन विभाग की चिंताएं कम हुई है।

हालांकि वन विभाग का अमला अब भी सीमावर्ती क्षेत्र पर निगरानी बनाए हुए है। हाथियों का समूह 15-16 अगस्त की रात अनूपपुर वन मंडल क्षेत्र में सिवनी और गुजरनाला के रास्ते प्रवेश किया था। इस दौरान हाथियों के समूह ने जैतहरी और अनूपपुर वन परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों में विचरण करते सैकड़ो किसानों के खेतों में लगी फसलों एवं 20 से अधिक ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया दिया।

इस बार हाथियों से चोलना, धनगवां, सोनमौहरी, गोबरी, औढेरा, भोलगढ़ के जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्र रहे, जहां हाथियों का समूह दिन के समय विश्राम एवं शाम होते ही किसानों के खेतों में लगी धान एवं विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाते हुए ग्रामीणों के कच्चे एवं पक्के मकान में भी आहार की तलाश में पहुंचकर तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाते रहे। फिलहाल दोनों हाथी मरवाही के सिवनी बीट के ग्राम पंचायत बदरौडी एवं सिलवारी गांव स्थित मिश्रित प्लांटेशन के जंगल में विश्राम कर रहे हैं।

वन परिक्षेत्राधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में हाथियों के लौटने की संभावनाएं नहीं दिख रही, अधिक बारिश के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में भी हाथियों के खाने के पर्याप्त हरे भरे पेड़ पौधे हो गए है। पानी भी पर्याप्त है। लेकिन एकाध दिनों तक सीमा पर चौकसी बरती जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले 3-4 वर्षों से हाथियों का समूह लगातार छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर अनूपपुर वन मंडल पहुंच रहा है। पूर्व में भी हाथियों का समूह 5-7 या उससे अधिक में आते थे, लेकिन वे सीमा में प्रवेश कर कुछ दिनों बाद या तो शहडोल जिले से होते बांधवगढ़ पहुंच जाते या बांधवगढ़ से शहडोल, अनूपपुर होते छत्तीसगढ़ के मरवाही की जंगल लौट जाते। लेकिन कुछ वर्षों से 3-4 समूह में अनूपपुर पहुंच रहा हाथी लंबे समय तक विचरण कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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