रविवार काे भांग-चंदन और आभूषणों से सजे महाकाल, शेषनाग मुकुट और मुंडमाल से हुआ राजा स्वरूप श्रृंगार
भाेपाल, 13 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलने के बाद गर्भगृह में भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक-पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल का भांग, चंदन, सूखे मेवे, सिंदूर और आभूषणों से मनोहारी राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के दौरान भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल सजाया गया। सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। सुगंधित पुष्पों की मालाओं से भी भगवान का अलंकरण किया गया। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित कर मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया।
कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामना कही। आरती के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

