झाबुआ: जिले में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन की युद्ध स्तर पर कार्यवाही

WhatsApp Channel Join Now
झाबुआ: जिले में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन की युद्ध स्तर पर कार्यवाही


झाबुआ: जिले में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन की युद्ध स्तर पर कार्यवाही


झाबुआ, 03 जनवरी (हि.स.)। नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य को लेकर जिला प्रशासन एकदम सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर अपनी कार्यवाही को अंजाम देते हुए एक तरफ जहां जिले के वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों के निरीक्षण की कार्यवाही शुरू करने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया, वहीं दूसरी तरफ सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं पीएचई अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले के नागरिकों को निर्बाध रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर नेहा मीना द्वारा नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगरीय निकायों एवं पीएचई अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने हेतु निर्देशित किया गया था, उनके निर्देशों के पालन में आज शनिवार को समस्त नगरीय निकायों में संबंधित अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा अपने अनुविभाग में वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण किया गया, तथा पेयजल आपूर्ति के संबंध में सीएमओ एवं पीएचई अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा हेतु सीएमओ, पीएचई एवं एमपीयूडीसी के साथ बैठक भी ली गई।

जिले के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि कि सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल टंकियों एवं सम्प टैंकों की नियमित सफाई एवं निरीक्षण किया जाए तथा क्लोरीनेशन व्यवस्था की सतत निगरानी रखी जाए एवं रिपोर्ट का संधारण किया जाए, ओर यदि किसी भी क्षेत्र में दूषित जल की शिकायत मिले तो तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जाए, साथ ही आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

इस संबंध में कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय द्वारा हर वार्ड के न्यूनतम 10 प्रतिशत घरों से जल के रेंडम सैंपल लेकर परीक्षण कराया जाए, जिसका क्रॉस एग्जामिनेशन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा अनिवार्य रूप से कराया जाए। पेयजल के सैंपल नियमित रूप से लेकर बी आई एस मानक के अनुरूप गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए और जहाँ भी ई कोलाई ओर कोलीफॉर्म बैक्टीरिया अथवा अन्य मानकों से अधिक प्रदूषण पाया जाए, वहाँ तत्काल जल आपूर्ति रोककर वैकल्पिक सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही रेसिडुअल क्लोरीन की मात्रा 0.2 पी एम एम से कम एवं 1 पी एम एम से अधिक न होने पाए, इसके लिए आवश्यकतानुसार क्लोरीन बूस्टिंग की जाए तथा नगरीय क्षेत्रों के कुएँ, बावड़ी, तालाब एवं नलकूपों में निर्धारित मानकों के अनुसार ब्लीचिंग पाउडर की डोजिंग सुनिश्चित की जाए।

जिला कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए कि जिले के समस्त नगरीय निकायों में जल वितरण प्रणाली का त्वरित सर्वे कर 20 वर्ष से अधिक पुरानी एवं बार-बार लीकेज वाली पाइपलाइनों तथा नाली, सीवर के समीप से गुजरने वाली पाइपलाइनों को चिन्हित किया जाए और सभी चिन्हित रिसावों की मरम्मत 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में झाबुआ नगर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ सुश्री अवनधती प्रधान द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए। साथ ही बस स्टैंड स्थित पानी की टंकी तथा थांदला गेट क्षेत्र में जल आपूर्ति के नमूने नगर पालिका झाबुआ द्वारा जांच हेतु एकत्रित किए गए। इसी तरह थांदला पेटलावद एवं मेघनगर अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारियों एवं रानापुर में तहसीलदार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

Share this story