उमरिया : बांधवगढ़ में कमजोर हालत में मिला नर तेंदुआ, रेस्क्यू कर उपचार शुरू
उमरिया, 20 जुलाई (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन अमले ने कमजोर अवस्था में मिले एक नर तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसका उपचार शुरू कराया है। तेंदुए को फिलहाल रिजर्व के सुरक्षित परिसर में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने सोमवार को बताया कि मगधी परिक्षेत्र की रोहनिया बीट में नियमित गश्त के दौरान एक नर तेंदुआ कमजोर हालत में दिखाई दिया था। इसके बाद वन विभाग ने उसकी लगातार निगरानी कराई, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रविवार को रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया गया।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के बाद तेंदुए के आवश्यक जैविक नमूने लिए गए हैं। प्राथमिक परीक्षण के अनुसार उसकी आयु लगभग 10 वर्ष आंकी गई है। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तोमर द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुए का निचला दाहिना कैनाइन दांत पूरी तरह घिसा हुआ पाया गया, जबकि अन्य कैनाइन दांत भी काफी घिस चुके हैं। इसी कारण वह शारीरिक रूप से अत्यंत कमजोर हो गया था।
वन विभाग के अनुसार तेंदुए को फिलहाल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सुरक्षित परिसर में रखकर उपचार और लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। उसकी स्थिति पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम नजर बनाए हुए है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मगधी वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन सिंह ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बीमार अथवा घायल वन्यजीवों के उपचार के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाते रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

