सागर : जल जीवन मिशन में 1.5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ाया पीएचई अधिकारी
सागर, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में नए साल के पहले ही सप्ताह में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एक अधिकारी को जल जीवन मिशन के कार्यों के बदले ठेकेदार से 1.5 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
रिश्वत का पूरा गणित और कमीशन का खेल
विभागीय जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी एस.एल. बाथम द्वारा ठेकेदार शैलेश कुमार से दो गांवों में लंबित 'नल-जल योजना' के कार्यों को रिवाइज करने और फाइलों को आगे बढ़ाने के बदले 6 लाख रुपये की कुल रिश्वत मांगी गई थी।
बताया जा रहा है कि टेंडर की कुल राशि 2 करोड़ 16 लाख थी। जिसमें 3 प्रतिशत कमीशन था। सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसकी पहली किश्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये दिए जाने थे।
ठेकेदार शैलेश कुमार ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत का सत्यापन किया और ट्रैप बिछाया।
इसके बाद लोकायुक्त टीम ने 500-500 रुपये के नोटों की तीन गड्डियां (कुल 1.5 लाख रुपये) पाउडर लगाकर ठेकेदार को दीं। आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की यह राशि अपने ड्राइवर फूल सिंह यादव के माध्यम से गाड़ी में बैठकर स्वीकार की। जैसे ही पैसे का लेनदेन हुआ, मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर अधिकारी को पकड़ लिया ।
नोटों के संपर्क में आते ही हाथ धुलवाए जाने पर आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।
टीम और आगामी कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक कमल सिंह और रणजीत सिंह ने किया। 10 सदस्यीय विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया।
जल जीवन मिशन के तहत शासन का उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, लेकिन इस तरह के अधूरे पड़े कार्यों और कमीशनखोरी के कारण आम जनता तक सुविधाएं पहुँचने में देरी हो रही है। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार/मनीष कुमार चौबे
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

