भोपाल में स्थापित होगी स्व. कैलाश जोशी की प्रतिमा : मुख्यमंत्री शिवराज

भोपाल में स्थापित होगी स्व. कैलाश जोशी की प्रतिमा : मुख्यमंत्री शिवराज


- कैलाश जी की स्मृति में चार शासकीय भवन का नामकरण, मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअली लोकार्पण

भोपाल, 24 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिमान गढ़ते हुए भारत माता के लिए जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन प्रेरणा का दीप स्तंभ है, जो युवाओं को राह दिखाता रहेगा। उन्होंने कहा कि स्व. जोशी की स्मृति को चिर-स्थायी बनाए रखने के लिए बागली जिला देवास सहित राजधानी भोपाल में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने भोपाल में रहकर सांसद, नेता प्रतिपक्ष और अन्य दायित्वों का निर्वहन किया था।

मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार शाम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी की पुण्य-तिथि पर उन्हें आदरांजलि अर्पित कर संत स्मरण दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने स्व. कैलाश के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।

उन्होंने कार्यक्रम में देवास जिले के चार शासकीय भवनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इन भवनों का नाम स्व. कैलाश जोशी के नाम पर रखा गया है। ये भवन देवास जिले की बागली और सतवास के शासकीय महाविद्यालय और लोहारदा एवं बागली कृषि उपज मंडी के भवन हैं। कार्यक्रम में देवास जिले के जन-प्रतिनिधियों ने भी ऑनलाइन सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बागली में निर्माणाधीन बस स्टेंड का नामकरण भी स्व. कैलाश जी के नाम पर किया जाएगा। स्व. जोशी के परिवार द्वारा पुण्य-तिथि कार्यक्रम को आने वाले वर्ष में नया स्वरूप दिया जाएगा। उन्हें याद करना सिर्फ जोशी परिवार नहीं बल्कि समाज और सरकार का भी दायित्व है। स्व. कैलाश जी की स्मृति में समाज के सहयोग से कार्यक्रम कर नई पीढ़ी तक उनके जीवन और आदर्शों की जानकारी पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्व. कैलाश जी ने संत की परिभाषा को चरितार्थ किया। उनके जीते जी आम जन ने उन्हें संत की उपाधि से विभूषित किया। उनका कृतित्व खुद यह संदेश देता है कि जियो तो ऐसे जियो। वे सहज, सरल होते हुए भी महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनहित में रौद्र रूप धारण करने में पीछे नहीं रहते थे। स्व. जोशी जी ज्ञान का भण्डार थे। वे एक चिंतक और अध्ययनशील व्यक्तित्व के धनी थे। आने वाली पीढ़ियों के लिए वे एक प्रेरक पुरुष के रूप में हमारे सामने आते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शुचिता के प्रतीक स्व. कैलाश जी संगठन और समाज में लोकप्रिय हुए। उन्होंने असंख्य लोगों को सद्कार्यों से जोड़ा। वे संस्थाओं के लिए भी आदर्श थे। वे राजनीति में भी विलक्षण उदाहरण थे। उन्हें संत की उपाधि मिली। आज संत स्मरण दिवस की पहल कर जोशी परिवार ने सराहनीय कार्य किया है।

स्व. कैलाश जोशी के सुपुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने बताया कि आने वाले वर्ष में स्व. कैलाश जी की स्मृति में व्याख्यान माला सहित अभिनव कार्यक्रम होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश

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