भोपाल: बदमाश के डर से छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई, आयोग ने लिया संज्ञान

भोपाल: बदमाश के डर से छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई, आयोग ने लिया संज्ञान


भोपाल, 22 नवंबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राजधानी भोपाल में एक बदमाश द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ करने तथा परेशान छात्रा द्वारा पढ़ाई छोड़ देने के मामले में संज्ञान लिया है। मामले में मप्र मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से 15 दिन में जवाब मांगा है।

आयोग द्वारा मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार एक आरोपी 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़खानी कर उसे एक साल से परेशान कर रहा था। आरोपी के डर से छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। किशोरी ने उसे चेतावनी दी थी कि वह पुलिस में एफआईआर करा देगी। फिर भी उसने अपनी हरकत बंद नहीं की तो किशोरी अपनी दादी के साथ थाने पहुंची। पुलिस मामला दर्जकर आरोपी की तलाश कर रही है।

स्कूल में नहीं पीने का पानी

आयोग ने भोपाल शहर से लगे रतनपुर गांव के सरकारी मिडिल स्कूल में पीने के पानी के इंतजाम नहीं हैं। बच्चे और टीचर गांव से पानी लाते हैं। चौदह साल बाद भी न तो बोरवेल की सुविधा मिली न नल कनेक्शन की। स्कूल परिसर में शिक्षकों ने ‘मां की बगिया‘ बनवाई हे। उक्त वाटिका में सब्जी, फूल आदि के पौधे लगवाये तो गये हैं, लेकिन पानी की कमी के चलते ये सूख जाते हैं। मामले में आयोग ने कमिश्नर, भोपाल से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

दीवार गिरने से मजदूरों की मौत

भोपाल के ही कलियासोत डैम के तेरह शटर के पास चंदनपुरा में बीते शुक्रवार शाम फार्म हाउस की अलंगे से बनी दीवार गिरने से दो मजदूर दब गये। वहां मौजूद अन्य मजदूर उन्हें निकालकर अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां डाक्टर ने प्राथमिक जांच में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से 15 दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को देय मुआवजा राशि के संबंध में कार्यवाही करें।

हिन्दुस्थान समाचार/ केशव दुबे

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