भोपाल: अंतिम तिथि पर भी जमा नहीं हो सकी बच्चों की फीस, आयोग ने मांगा जवाब

भोपाल: अंतिम तिथि पर भी जमा नहीं हो सकी बच्चों की फीस, आयोग ने मांगा जवाब


भोपाल, 22 नवंबर (हि.स.)। मानव अधिकार आयोग ने राजधानी के आनंदनगर स्थित सरकारी स्कूल के 10 वीं, 12वीं के बच्चों की फीस अंतिम तिथि पर भी जमा न हो पाने पर संज्ञान लिया है। मामले में आयोग ने संचालक, स्कूल शिक्षा, भोपाल से 15 दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने यह भी कहा है कि प्रभावित विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल हो सकने के लिये शासन द्वारा की जा रही कार्यवाही एवं संभावना सहित कियोस्क संचालक के विरूद्ध कार्यवाही, कियोस्क स्थापना की शर्तें, राज्य शासन की किस संस्था/ विभाग द्वारा कियोस्क संचालन की अनुमति दी जाती है?, यह सभी जानकारियां भी प्रतिवेदन में दी जाएं।

आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एमपी एजुकेशन बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिये 2000 रुपये लेट फीस के साथ परीक्षा फार्म जमा करने का बीते रविवार को अंतिम दिन था। आनंदनगर स्थित सरकारी स्कूल के 582 विद्यार्थियों की फीस अंतिम दिन भी जमा नहीं हो सकी। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल प्राचार्य एसके उपाध्याय की तलाश करते हुये बावड़िया कला स्थित उनके घर पहुंचे, तो वहां ताला लगा मिला। इससे बच्चों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।

जनपद सीईओ ने खेल मैदान पर चलवाया ट्रैक्टर

मानव अधिकार आयोग ने रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील में जनपद सीईओ पूनम दुबे की मनमानी वाली उस मीडिया रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि जिस मैदान में बच्चे खेलते थे, सीईओ ने उस पर ट्रैक्टर चलवा दिया। मैदान में बच्चों के खेलने से उनके काम में खलल पड़ता था। सीईओ की इस हरकत के बाद पुलिस ने भी कसर नहीं छोड़ी। मैदान में खेलने पहुंचे बच्चों में से एक को थाने उठा लाई। हालांकि लोगों के दबाव में उसे छोड़ना पड़ा। मामले में आयोग ने कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत, रायसेन से प्रकरण की जांच कराकर खेल मैदान की उचित व्यवस्था एवं की गई कार्यवाही के संबंध में 15 दिन में जवाब मांगा है।

तीन दिनों से लापता बच्ची का शव मिला

आयोग ने रायसेन जिले के सलामतपुर थाने के अंतर्गत मुड़ियाखेड़ा गांव में तीन दिन से लापता 11 साल की नाबालिग बच्ची का शव बीते रविवार को घोड़ापछाड़ नदी में मिलने की खबर पर भी संज्ञान लिया है। खबर के अनुसार पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में आयोग ने कलेक्टर रायसेन से मृत बालिका के परिजनों को देय मुआवजा राशि के संबंध में कार्यवाही करने और एक माह में प्रतिवेदन देने को कहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/ केशव दुबे

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