जीवन बचाने के लिए रक्तदान आवश्यक है: कुलपति त्रिपाठी

जीवन बचाने के लिए रक्तदान आवश्यक है: कुलपति त्रिपाठी


अनूपपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। भारतीय परम्परा में जीवनदान का विधान है और रक्तदान को जीवन की रक्षा करने वाला महादान माना गया है। रक्तदान से स्वयं का शरीर भी स्वस्थ रहता है। हमको रक्तदान करते हुए घबराना नहीं चाहिए और लोगों का जीवन बचाने के इस महत्वपूर्ण कार्य को उत्साह से करना चाहिए।

यह बात शुक्रवार को इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी कही। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर में हमारे प्रिय छात्र-छात्राओं और अध्यापकों कर्मचारियों का यह योगदान इस क्षेत्र में अनेक लोगों का जीवन बचाने का कार्य करेगा। इस पुनीत कार्य से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूँ।

इस अवसर पर श्रीशील मण्डल की अध्यक्ष शीला त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान महादान है और हमारे थोड़े से रक्तदान से किसी का जीवन बचता है तो हमें यह अवश्य करना चाहिए। विद्यार्थियों का आह्वान किया कि हमको इस तरह के समाज के लिए लाभप्रद और लोगों का जीवन बचाने वाले कार्यों को जरूर करना चाहिए।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो राघवेंद्र मिश्रा, विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी और प्रभारी कुलसचिव प्रो. एन.एस.एन. मूर्ति, डॉ. सरस्वती, डॉ. कुंजबिहारी सुलखिया, डॉ. अभिषेक बंसल, डॉ. कुमकुम कस्तूरी, डॉ. देवी प्रसाद सिंह, डा शिवाजी चौधरी, डॉ. देश दीपक चौधरी, डॉ. कीर्ति, डॉ. वासु चौधरी, डॉ. रामभूषण तिवारी, डॉ. राघव प्रसाद परौहा, डॉ. कृष्णामणि भगवती सहित जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक के कार्मिक गण, विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाफ आदि मौजूद रहा। शिविर में 125 लोगों ने रक्तदान किया।

हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

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