उज्जैन सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को लेकर हुआ मंथन

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उज्जैन सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को लेकर हुआ मंथन


उज्जैन, 11 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ-2028 में करीब 10 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। इनमें से 80 प्रतिशत याने 8 करोड़ श्रद्धालु सडक़ मार्ग से आएंगे। इन श्रद्धालुओं के आने पर शहर के प्रवेश मार्गो से लेकर निर्धारित पार्किंग स्थल एवं सेटेलाइट टाउन पर यातायात व्यवस्था को किस प्रकार से गतिशील किया जाए, इस पर शनिवार को मंथन किया गया।

सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित बैठक में इस मंथन में मुख्य रूप से आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संकेत भोण्डवे,एडीजीपी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेलाधिकारी आशीष सिंह ने चर्चा की। इस बैठक में ओएसडी गोपाल डाड,डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशनकुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट ,उविप्रा सीईओ संदीप सोनी, स्मार्ट सिटी सीईओ संदीप शिवा एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

शहर में गतिशीलता एवं यातायात प्रबंधनबैठक में सिंहस्थ हेतु मोबिलिटी प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। सिंहस्थ के दौरान अपेक्षित भीड़ और वाहनों का सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधन करने के लिए डेटा आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। बैठक में राकेश गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ में उज्जैन में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इनमें से 80 प्रतिशत यातायात सडक़ मार्ग से होगा। इसलिए देवास और इंदौर से उज्जैन आने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ट्रैफिक सिमुलेशन माइक्रो एवं मेक्रोस्कोपिक का उपयोग किया जाएगा।

तीनों अधिकारियों ने मुख्य रूप से निर्देश दिए कि वाहनों का विस्तृत डेटा संग्रहण करें। उज्जैन आवागमन के प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों में तथा विशेष पर्वों के दौरान प्रति घंटा गुजरने वाले वाहनों की संख्या का विश्लेषण करें। रेलवे, बस तथा निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों की वहन क्षमता का आंकलन कर विधिवत एवं विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। कनेक्टिंग रोड्स की क्षमता सुनिश्चित करें। विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय शाही स्नान के दौरान अपेक्षित अधिकतम भीड़ को ध्यान में रखते हुए गतिशीलता का नियोजन करें। उज्जैन आगमन के प्रमुख मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए।

इंदौर-देवास रोड की नेटवर्किंग का कार्य जारी है। दिन एवं रात के विभिन्न समय में ट्रैफिक की संख्या में होने वाले परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बैठक में सिंहस्थ से पहले और दौरान उज्जैन में आने वाली भीड़ का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को पूरी तरह डेटा-ड्रिवन और वैज्ञानिक तरीके से किया जाना प्रारभ हो गया है। जिसमें पहले मांग का सटीक अनुमान, फिर मॉडलिंग के माध्यम से पूर्वानुमान और अंत में रूटिंग एवं ट्रैफिक सिमुलेशन शामिल होगा।

बैठक में संकेत भोंडवे ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ अंतर्गत बनाए जा रहे प्रमुख मार्गों का रोड सेफ्टी ऑडिट समयबद्ध तरीके से करवाया जाए। शहर और आसपास के प्रमुख ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं। अगले 6 माह में सभी मार्गों पर दिशा सूचक चिन्ह बोर्ड तथा वेरिएबल मैसेजिंग साइन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।

बैठक में ई-वाहनों की बढ़ती उपयोगिता पर भी चर्चा हुई। सिंहस्थ एवं अन्य पर्वों के दौरान बाहर से आने वाले ई-वाहनों के लिए शासकीय कार्यालयों, मंदिरों, मॉल तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों के समीप पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि ई-वाहनों को व्यापक समर्थन किया जाए ताकि पर्यावरण अनुकूल यातायात को बढ़ावा मिल सके।

उज्जैन शहर को भी बांटेंगे झोन में: भोण्डवेमीडिया से चर्चा में संकेत भोण्डवे ने कहा कि इस बार उज्जैन शहर को झोन में बांटेंगे। सिंहस्थ-2028 में आनेवाले वाहनों के नियोजन को लेकर योजना बनाई जा रही है। अभी इसकी शुरूआत है। पुलिस प्रशासन इसे लेकर हमारे साथ बैठा है। हमने सिंहस्थ-2004,2016 के आंकड़े देखें हैं। नासिक कुंभ के आंकड़े सामने आएंगे। इसके बाद सिंहस्थ-2028 की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल

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