सिवनीः गौवंश हत्या मामले में 6 आरोपितों को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास
सिवनी, 13 जनवरी(हि.स.)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के थाना धनौरा अंतर्गत वर्ष 2024 में दर्ज गौवंश हत्या के एक गंभीर मामले में मंगलवार को तहसील न्यायालय लखनादौन के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निरंजन योगेश मालवीय ने छह आरोपितों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला न्यायालय के मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार सैयाम ने मंगलवार देर शाम जानकारी देते हुए बताया कि सिवनी पुलिस के चौकी सुनवारा क्षेत्र अंतर्गत 21 जून 2024 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ग्राम कडवे थावरी पहुंची। ग्राम कोटवार हरीप्रसाद सैयाम एवं एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर पुलिस ग्राम कडवे थावरी के भसूड़ा नाला के पास झाड़ियों में पहुंची, जहां 8 नग गौवंश मृत अवस्था में पाए गए। इनमें से 2 गौवंश की पहचान नाटा के रूप में हुई, जबकि 6 गौवंश क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े थे। दो गौवंश के गले कटे हुए पाए गए।
मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक अधिकारी द्वारा शवों का परीक्षण कर पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें गौवंश की मृत्यु 4 से 5 दिन पूर्व होना बताया गया। विधिवत कार्रवाई करते हुए शवों को दफन कराया गया। अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4 व 9, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 429 के तहत थाना धनौरा में अपराध क्रमांक 216/2024 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
संपूर्ण विवेचना उपरांत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती कीर्ति तिवारी (लखनादौन) द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
तर्कों से सहमत होते हुए तहसील न्यायालय लखनादौन के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निरंजन योगेश मालवीय ने आरोपितों क्रमशः वीरसिंह (45), प्रहलाद (30), मुंशीलाल (50) निवासी कडवे थावरी तथा सोनू उर्फ इतुआ (24), जब्बार खान उर्फ मिर्ची मियां (36) और धीरसिंह (32) निवासी सालीवाड़ा मुनीर सभी थाना धनौरा, जिला सिवनी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने सभी छह आरोपियों को म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धाराओं के तहत 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रवि सनोदिया

