अनूपपुर: मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एनसीसी ट्रैक शिविर में 510 कैडेट्स साहस, अनुशासन का ले रहे प्रशिक्षण

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अनूपपुर: मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एनसीसी ट्रैक शिविर में 510 कैडेट्स साहस, अनुशासन का ले रहे प्रशिक्षण


अनूपपुर, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का 26 जून तक चलने वाले शिविर में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 6 ग्रुप मुख्यालयों से आए 510 कैडेट्स तथा 15 एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (एएनओ) सहभागिता कर रहे हैं।

अमरकंटक ट्रैक शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। शिविर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय जबलपुर के निर्देशन तथा कैंप कमांडेंट कर्नल दिनेश जायसवाल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। देशभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित यह शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कैंप कमांडेंट कर्नल दिनेश जायसवाल ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए आगामी दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग केवल शारीरिक क्षमता को विकसित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, टीम भावना, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को भी सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने सभी कैडेट्स से अनुशासन, समर्पण और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए शिविर का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।

शिविर के दौरान कैडेट्स के लिए पांच अलग-अलग ट्रैकिंग रूट निर्धारित किए गए हैं। इन मार्गों पर प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक ट्रैकिंग कराई जाएगी। ट्रैकिंग के माध्यम से कैडेट्स अमरकंटक के घने वन क्षेत्रों, पर्वतीय मार्गों और प्राकृतिक स्थलों का अनुभव प्राप्त करेंगे। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का भी संदेश दिया जाएगा।

शिविर में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई है। ट्रैकिंग से पूर्व सभी कैडेट्स को आवश्यक सुरक्षा निर्देशों, आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले उपायों तथा समूह अनुशासन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों और अधिकारियों की निगरानी में सभी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध हो सके।

अमरकंटक की सुरम्य वादियों में आयोजित यह ट्रैक शिविर युवाओं के भीतर साहसिक भावना को जागृत करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से समृद्ध यह शिविर निश्चित रूप से सभी कैडेट्स के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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