अनूपपुर जिला न्यायालय में 14 कोर्ट रूम के निर्माण के लिए ₹44.85 करोड़ स्वीकृत

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अनूपपुर जिला न्यायालय में 14 कोर्ट रूम के निर्माण के लिए ₹44.85 करोड़ स्वीकृत


अनूपपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। जिला न्यायालय अनूपपुर के विस्तार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 14 कोर्ट रूम के विकास एवं निर्माण के लिए ₹44 करोड़ 85 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।

इस संबंध में याचिकाकर्ता अधिवक्ता वासुदेव चटार्जी के अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति संबंधी दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे ने मंगलवार को बताया कि उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता की ओर से बताया गया कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सचिव द्वारा 24 सितंबर 2026 को जारी संचार तथा 7 सितंबर 2026 की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई है। न्यायालय ने दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश दिए। आदेश में उल्लेख किया गया है कि अनूपपुर जिला न्यायालय के 14 कोर्ट रूम के विकास एवं निर्माण के लिए कुल ₹44,85,00,000 की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद अब संबंधित विभाग द्वारा आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि स्वीकृत बजट का अधिकतम और उचित उपयोग किया जा सके।

लंबित परियोजनाओं की भी मांगी गई जानकारी

उच्च न्यायालय के पूर्व आदेश के पैरा 17 के अनुपालन में मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों की सभी लंबित परियोजनाओं की सूची भी प्रस्तुत की गई है। न्यायालय ने मामले से जुड़े एमिकस क्यूरी को इन परियोजनाओं का अध्ययन कर उनकी स्थिति पर तालिकाबद्ध रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। रिपोर्ट की एक प्रति महाधिवक्ता को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे ने बताया कि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट स्वीकृत होने के बाद अब राज्य सरकार के संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई प्रारंभ करेंगे। मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।

इस स्वीकृति से अनूपपुर जिला न्यायालय की न्यायिक अधोसंरचना को विस्तार मिलने की उम्मीद है। 14 नए कोर्ट रूम के निर्माण से न्यायालयीन कार्यों के संचालन के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा और भविष्य में न्यायिक व्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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