अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित, 301 कलश स्थापित कर बोए गए जवारे

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अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित, 301 कलश स्थापित कर बोए गए जवारे


अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित, 301 कलश स्थापित कर बोए गए जवारे


अनूपपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मां नर्मदा की उद्गम स्थली, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा एवं चित्रा नक्षत्र के शुभ संयोग में रविवार की शाम मां नर्मदा उद्गम मंदिर में भक्तों द्वारा 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित की गईं तथा 301 कलशों की स्थापना कर विधि-विधानपूर्वक जवारे बोए गए। दीपों की पवित्र ज्योति, कलश स्थापना और जवारा रोपण के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में देवी आराधना की आध्यात्मिक छटा बिखर उठी।

शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस संध्याकाल नर्मदा मंदिर के पुजारी कामता प्रसाद द्विवेदी (नीलू महाराज) के मार्गदर्शन में घृत ज्योतियां प्रज्वलित कराई गईं। इसके पश्चात विधि-विधान से कलश स्थापना संपन्न हुई और परंपरानुसार जवारे बोए गए। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पावन दरबार में अपनी आस्था अर्पित करते हुए सुख, शांति, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।

सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, आत्मशुद्धि, साधना और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि के प्रथम दिवस कलश स्थापना के साथ साधना का संकल्प लिया जाता है, वहीं घृत ज्योति प्रज्वलित करना श्रद्धा, शुभता और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। जवारे बोने की परंपरा प्रकृति, नवजीवन, उर्वरता और मंगलमय भविष्य की कामना से जुड़ी हुई है।

मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक का धार्मिक महत्व देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। यहां मां नर्मदा को केवल जीवनदायिनी नदी के रूप में ही नहीं, बल्कि सनातन परंपरा में पूजनीय देवी स्वरूप में भी आराध्य माना जाता है। ऐसे पावन तीर्थ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर घृत ज्योतियों का प्रज्वलन, कलश स्थापना और जवारा रोपण श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

नौ दिनों तक जारी रहेगी मां की आराधना

नवरात्रि के पावन अवसर पर मां नर्मदा उद्गम मंदिर नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शन एवं पूजन के लिए खुला रहेगा। इस अवधि में मंदिर में पुरोहितों द्वारा विधि-विधानपूर्वक पूजन-पाठ, आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते रहेंगे। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां के चरणों में दीप अर्पित करने, पूजा-अर्चना करने और मनोकामनाओं के साथ प्रार्थना करने के लिए श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहेगा।

शारदीय नवरात्रि का यह पावन पर्व मां नर्मदा की नगरी अमरकंटक में भक्ति, साधना और सनातन आस्था का संदेश दे रहा है। 301 घृत ज्योतियों का प्रकाश और 301 कलशों की स्थापना के साथ आरंभ हुई देवी आराधना ने श्रद्धालुओं के मन में आध्यात्मिक उल्लास और मंगलकामना का भाव जागृत किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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