अनूपपुर: जमीन धंसने से 30 फीट गहरा गोफ, आसपास के रहवासियों में दहशत

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अनूपपुर: जमीन धंसने से 30 फीट गहरा गोफ, आसपास के रहवासियों में दहशत


अनूपपुर: जमीन धंसने से 30 फीट गहरा गोफ, आसपास के रहवासियों में दहशत


अनूपपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की नगर परिषद बनगवां (राजनगर) के वार्ड क्रमांक 12 में एसईसीएल के पुराने मुहाड़ा के पास शुक्रवार को अचानक जमीन धंस गई। कुछ ही घंटों में यह स्थान करीब 30 फीट गहरे और 8 से 10 फीट चौड़े गोफ में तब्दील हो गया। जमीन धंसने के साथ ही नीचे से पानी बहने की आवाज सुनाई देने पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर परिषद सीएमओ लखन पनिका को दी।

सूचना मिलते ही नगरीय अमला, नगर परिषद अध्यक्ष, सीएमओ और पार्षद मौके पर पहुंचे और कॉलरी प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। इससे पहले मध्य प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल और तत्कालीन कलेक्टर हर्षल पंचोली ने भी क्षेत्र का निरीक्षण कर कॉलरी प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए थे।

गोफ के नीचे पानी का बहाव, और गहरा होने की आशंका

नगर परिषद सीएमओ लखन पनिका ने बताया कि वीरेंद्र सिंह की बाउंड्री के सामने अचानक बने गड्ढे की गहराई लगभग 30 फीट आंकी गई है। गड्ढे के नीचे पानी के बहाव की आवाज सुनाई दे रही है। आशंका है कि आने वाले समय में यह हिस्सा और गहरा एवं चौड़ा हो सकता है।

जमीन धंसने वाले स्थान से करीब 100 मीटर की दूरी पर आवासीय कॉलोनी है, जहां कुछ मकानों में बैगा परिवार और अन्य मकानों में दूसरे परिवार निवास करते हैं। सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय रहवासियों से सतर्क रहने की अपील की गई है। नगर परिषद की ओर से गोफ के आसपास फेंसिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि कोई व्यक्ति या मवेशी इसकी चपेट में न आए।

कॉलरी प्रबंधन को भराव और जांच के निर्देश

सीएमओ ने बताया कि गोफ की भराई के लिए कॉलरी प्रबंधन को सूचना दी गई है। शुक्रवार को मिट्टी भरने का काम शुरू नहीं हो सका, लेकिन महाप्रबंधक ने जल्द ही भराव कराने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर यह पता लगाने के लिए भी कहा गया है कि कहीं अन्य स्थानों पर जमीन धंसने की स्थिति तो नहीं बन रही है।

राजनगर क्षेत्र में कई कोयला खदानें

उल्लेखनीय है कि एसईसीएल के हसदेव क्षेत्र के अंतर्गत राजनगर उपक्षेत्र आता है, जहां सब एरिया मैनेजर का कार्यालय है। राजनगर और आसपास के क्षेत्र में करीब 9 से 10 कोयला खदानें संचालित हैं। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि जिस स्थान पर जमीन धंसी है, वह डिपिलरिंग क्षेत्र हो सकता है।

इससे पहले आमाडांड क्षेत्र के मालगा गांव में भी जमीन धंसने की घटना सामने आई थी। वहां एक पेड़ के नीचे से जमीन लगातार खिसकती चली गई थी और करीब 18 से 20 फीट लंबा पेड़ जमीन के अंदर समा गया था। ग्रामीणों की सूचना पर कॉलरी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल मौके पर फेंसिंग कराकर गड्ढे को भरवाया था।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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