हरदा : टिमरनी क्षेत्र के 12 स्कूलों में शिक्षकों की कमी, नए सत्र से पहले व्यवस्था सुधारने की तैयारी

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हरदा : टिमरनी क्षेत्र के 12 स्कूलों में शिक्षकों की कमी, नए सत्र से पहले व्यवस्था सुधारने की तैयारी


हरदा, 06 जून (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। क्षेत्र के 11 माध्यमिक और एक प्राथमिक विद्यालय वर्तमान में नियमित शिक्षकों से वंचित हैं। इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां अतिथि शिक्षकों के सहारे संचालित की जा रही हैं, जबकि प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों के लिए शिक्षकों को अटैचमेंट पर तैनात करना पड़ता है।

जानकारी के लिए बता दें कि 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकविहीन स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। गांगराढ़ाना, शमशाबाद, बांसपानी और चंद्रपुरा सहित कई स्कूल वर्षों से नियमित शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि नई नियुक्तियों में कई शिक्षक सुविधाजनक स्थानों वाले स्कूलों का चयन कर बाद में स्थानांतरण करा लेते हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय प्रभावित होते हैं।

बीआरसी राकेश मंडलेकर ने बताया कि क्षेत्र में 17 बालिका शौचालयों के साथ बालक शौचालयों की भी स्वीकृति मिली है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा कई स्कूल भवनों के निर्माण को भी मंजूरी मिली है, जबकि कुछ नए भवनों के प्रस्ताव स्वीकृति प्रक्रिया में हैं।

जन शिक्षक पदों पर नियमित नियुक्तियां अभी लंबित हैं। फिलहाल पांच प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जन शिक्षक और सात वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से कामकाज संचालित किया जा रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जिला परियोजना समन्वयक द्वारा भोपाल को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद नियमित पदस्थापन की कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग के अनुसार प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आठ स्कूलों को खेल सामग्री किट उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के बेहतर अवसर मिलेंगे। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रस्ताव के आधार पर इच्छुक और योग्य व्यक्ति या शिक्षक शासकीय विद्यालयों में नि:शुल्क अध्यापन कार्य कर सकेंगे। इसके लिए सहमति पत्र और आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे।

क्षेत्र के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं जिन विद्यालयों में किचन शेड नहीं हैं, उनकी जानकारी जिला पंचायत को भेजी जा चुकी है ताकि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बीआरसी राकेश मंडलेकर ने बताया कि नए सत्र के पहले दिन से ही विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग शुरू की जाएगी। शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही या बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग का लक्ष्य नए सत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani

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