अनूपपुर: तीन हाथियों को जिले में 100 दिन हुए पूरे, राजेंद्रग्राम के तुलरा के जंगल में जमाया डेरा
अनूपपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ से जंगल से आए तीन हाथियों के समूह को मंगलवार को 100वें दिन पूरे हो गये। जिले में निरंतर विचरण करते हुए इन हाथियों ने वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम के तुलरा बीट अंतर्गत जंगल में आज पांचवे दिन डेरा जमाये हुए हैं।
हाथी रात्रि में खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को आहार बनाते हुए ग्रामीणों के खदेड़ने एवं सुबह होते जंगल चले जाते हैं। वही एक अकेला नर हाथी जो 3 अप्रैल की देर रात छत्तीसगढ़ के मरवाही से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर विगत 5 दिन से विचरण कर रहा है, का दो दिनों से कहीं भी पता नहीं चलने से वन विभाग चिंतित है, जिसकी खोजबीन की जा रही है।
तीन हाथियों का समूह विगत 106 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के मरवाही से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी क्षेत्र से विचरण करते हुए शहडोल जिले के बुढार वन परिक्षेत्र से एक बार फिर अनूपपुर जिले के अहिरगवां वन परिक्षेत्र में विचरण कर 6 दिनों तक डिंडौंरी में विचरण करते हुए 5 दिनों से अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र अंतर्गत तुलरा बीट में डेरा जमाये हुए हैं। हाथियों द्वारा तुलरा गांव निवासी दिलेर सिंह के खेत में लगी गेहूं की फसलों दो दिनों से निरंतर आहार बना रहे हैं। साथ ही यादवेंद्र दीक्षित के खेतों में फसलों खाते हुए मंगलवार की सुबह तुलरा वन बीट अंतर्गत तुलरा एवं चरकूमर गांव के मध्य स्थित जंगल में विश्राम कर रहे हैं।
वहीं एक अकेला नर हाथी जो 3 अप्रैल की देर रात छत्तीसगढ़ के मरवाही वन परिक्षेत्र की सीमा पार कर अपने तीन हाथी साथियों के चलने वाले मार्ग से होता हुआ वन बीट चोलना से धनगवां बीट के जंगल में एक दिन व्यतीत करने बाद कोतमा वन परिक्षेत्र के कोलमी गांव से वन परिक्षेत्र अनूपपुर के भोलगढ़ एवं पोंडी बीट के जंगलों में विचरण कर रहा है। यह हाथी रविवार की रात बरबसपुर एवं मानपुर में रात के समय विचरण करता हुआ सुबह पोंड़ी एवं खांडा के जंगल की ओर वन विभाग का नए प्लांटेशन के लकड़ी का खंबा एवं तार तोड़ते हुए गया। मंगलवार की दोपहर तक किसी भी इलाके में किसी भी तरह के विचरण की सूचना नहीं मिलने से वन विभाग चिंतित है। जिसकी वन विभाग द्वारा खोजबीन की जा रही है। यह हाथी अपने तीन अन्य साथियों की तलाश में बीच-बीच में चिंहाड़ कर,अपने पैरों को जमीन में पटक पटक कर अपने साथियों को संदेश देने का प्रयास करते दिख रहा है। तेजी से रात के समय आवाज आने पर ग्रामीण जन दहशत की स्थिति में है। ज्ञातहो कि इस हाथी ने छग के मरवाही के शिवनी बीट से लगे जंगल में 3 अप्रैल की सुबह महुआ फल बीन रहे एक वृद्ध पर हमला कर मार दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

