(अपडेट) अनूपपुर: जिला प्रशासन ने पटवारियों की माँगें मानी, निलंबन बहाल, हड़ताल अवधि को अर्जित अवकाश में स्वीकृत
अनूपपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले 15 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारियों की मांगों को जिला प्रशासन ने माँगें मान लिया हैं। गुरुवार को जिला प्रशासन ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा गया हैं कि अनूपपुर ने पटवारियों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए हड़ताल अवधि और रुके हुए वेतन को लेकर आदेश जारी कर दिया हैं।
हड़ताल अवधि को अर्जित अवकाश में स्वीकृत करने सहित निलंबित किए गए पटवारियों को बहाल करने के दिए निर्देश जारीकरने की बात कहीं गई हैं।
जारी विज्ञप्ति में कहा गया हैं कि प्रशासन के इस रुख से जहाँ एक ओर अधिकांश पटवारियों में राहत की लहर है, वहीं दूसरी ओर कुछ पटवारी द्वारा पर निजी स्वार्थ के चलते आंदोलन को बेवजह खींचने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। जिला प्रशासन ने पटवारियों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हड़ताल अवधि को अर्जित अवकाश में स्वीकृति की अनुमति दी है। जिससे उनकी सेवा अवधि में कोई व्यवधान नहीं आएगा। वेतन आहरण के निर्देश हड़ताल के कारण रुके हुए जनवरी माह के वेतन को तत्काल आहरण करने की स्वीकृति दे दी है। साथ ही निलंबन से बहाली विभिन्न प्रशासनिक कारणों से हड़ताल के पूर्व निलंबित किए गए पटवारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः सेवा में बहाल करने की बात कहीं हैं।
गुमराह करने का आरोप
एक तरफ जहाँ प्रशासन ने मानवीय रुख अपनाते हुए पटवारियों की बड़ी मांगों को स्वीकार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर जिले के कुछ पटवारीयों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन पटवारियों पर आरोप लग रहे हैं कि वह अपने निजी स्वार्थ को साधने के लिए जिले के अन्य पटवारियों को गुमराह कर रहे हैं। प्रशासन की सकारात्मक पहल के बावजूद इन व्यक्तियों द्वारा आंदोलन को अनवरत जारी रखने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे आम पटवारियों के काम और उनकी छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल के बाद अब सबकी नजरें उन पटवारियों पर हैं जो अभी भी असमंजस में हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि वह कर्मचारियों के कल्याण के लिए तैयार है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण जिले की राजस्व व्यवस्था को बाधित करना उचित नहीं है।
पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने बताया कि जिला प्रशासन झूठी खबर फैलाकर आंदोलन में फूट डालने और समाप्तक करने की साजिश की जा रहीं हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

