सिवनीः पेंच टाइगर रिजर्व में बरगद वृक्ष की विशेषताओं पर फारेस्ट गार्ड तेजलाल उइके की जानकारी साझा

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सिवनीः पेंच टाइगर रिजर्व में बरगद वृक्ष की विशेषताओं पर फारेस्ट गार्ड तेजलाल उइके की जानकारी साझा


सिवनी, 11 जनवरी(हि.स.)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में पदस्थ फारेस्ट गार्ड तेजलाल उइके ने रविवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तस्वीर में दिखाई देने वाला वृक्ष बरगद का है, जिसे वट वृक्ष भी कहा जाता है। बरगद को भारत का राष्ट्रीय वृक्ष माना जाता है। जिसे अपनी विशालता, दीर्घायु और भारतीय संस्कृति व पौराणिक कथाओं में गहरे महत्व के लिए जाना जाता है, जो ज्ञान, शक्ति और शाश्वत जीवन का प्रतीक है।

फारेस्ट गार्ड ने बताया कि बरगद एक विशाल एवं बहुवर्षीय वृक्ष है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी शाखाओं से निकलने वाली हवाई जड़ें होती हैं, जिन्हें बरोह जड़ कहा जाता है। ये जड़ें नीचे की ओर बढ़ते हुए मिट्टी में जम जाती हैं और नए तने या स्तंभ का रूप ले लेती हैं, जिससे यह वृक्ष समय के साथ एक बड़े क्षेत्र में फैल जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि बरगद वृक्ष का भारत में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं औषधीय महत्व है। भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं में इस वृक्ष को पवित्र माना गया है, जो अमरता, एकता और आश्रय का प्रतीक है। बरगद के पेड़ के विभिन्न भागों में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रवि सनोदिया

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