धार: बसंत पंचमी पर भोजशाला में दिनभर अखंड पूजन के लिए ब्राह्मण समाज ने की कलेक्टर से मांग
धार, 10 जनवरी (हि.स.)। सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा बसंत पंचमी पर अखंड पूजा अर्चना के लिए कलेक्टर के प्रतिनिधि दिनेश उईके एवं पुलिसअधीक्षक मयंक अवस्थी को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कहा गया कि धार नगर में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती जन्मोत्सव को निर्विघ्न संम्पन्न करवाई जावे। सर्व ब्राह्मण समाज के संरक्षक ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया कि सन् 1904 में भोजशाला की गौरवशाली, एतिहासिक एंव धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण तत्कालिक अग्रेंज शासन ने इसे राष्ट्र की सरंक्षित धरोहर माना।
सन् 1952 में इसे भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने संरक्षित इमारत घोषित किया है। हिन्दु समाज के संघर्ष व भावनाओ को देखते हुए केन्द्रीय पुरातत्व विभाग दिल्ली के द्वारा 7 अप्रैल 2003 को आदेशा पारित कर हिन्दुओ के लिये प्रति मंगलवार एवं बंसता पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुरे दिन के लिए पूजा अर्चना के लिए हिन्दुओ को अधिकार प्रदान किये गये। उक्त आदेश की मूल भावना का आधार हिन्दु समाज की भावना एंव परम्परा के अनुसार तिथि का धार्मिक महत्व है। उसी को आधार मानते हुए बंसत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुरे दिन के लिये पूजा अर्चना का अधिकार प्रदान किया गया है। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि भोजशाला में बसंत पंचमी पर परंपरागत रूप से पूजा-अर्चना होती रही है। यह विषय संपूर्ण हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा हुआ है।
सम्पूर्ण हिन्दु समाज बसंत पंचमी को निर्बाध पूरे दिन पुजा, आराधना, यज्ञ, हवन करने हेतु दृढ संकल्पित है। ज्ञापन अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेंद्र जोशी, गोपाल शर्मा, सहित ब्राह्मण समाजन उपस्थिति रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

