झाबुआ के किसानों को बड़ी राहत, माही नहरों के सुदृढ़ीकरण के लिए 16.68 करोड़ की मंजूरी
झाबुआ, 26 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए माही परियोजना की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 16 करोड़ 68 लाख 35 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस निर्णय से पेटलावद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा माही मुख्य नहर शाखा एवं उससे जुड़ी सहायक नहरों के विशेष मरम्मत कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत मुख्य नहर सुधार, वितरिका (डिस्ट्रीब्यूटरी) नहरों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ खेतों तक पानी पहुंचाने वाली माइनर और सब-माइनर नहरों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने से नहरों में पानी की बर्बादी रुकेगी और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाना संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा।
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किसान नहरों की खराब स्थिति और अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या से जूझ रहे थे। ऐसे में यह निर्णय क्षेत्र के किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।
उन्होंने कहा कि माही परियोजना पेटलावद क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसके सुदृढ़ीकरण से कृषि क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा। नहरों के सुधार से जहां सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, वहीं किसानों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
उल्लेखनीय है कि माही परियोजना की नहरों की कुल लंबाई लगभग 284 किलोमीटर है। इससे पेटलावद क्षेत्र के 19 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं तथा करीब 22 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। इस परियोजना को मूर्त रूप देने में पूर्व सांसद दिलीप सिंह भूरिया की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

