छतरपुरः रसायनशास्त्र के सेमिनार में देश विदेश के रसायनशास्त्री देंगे व्याख्यान

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छतरपुर, 9 जुलाई (हि.स.)। रसायनशास्त्र के सेमिनार में देश विदेश के रसायनशास्त्री देंगे व्याख्यान

छतरपुर।महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, छतरपुर में कुलगुरु प्रो शुभा तिवारी के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार- प्रसार हेतु रसायनशास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार 15 एवं 16 जुलाई 2024 को जेसी बोस हॉल में आयोजित होगा।

रसायनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डा अर्चना जैन एवं मीडिया सेल की सदस्य पूजा तिवारी ने बताया कि 'नैनोटेक्नोलॉजी थ्रू टाइमः ब्रिजिंग एनसिएंट इंडिया टू मॉडर्न इनोवेशन' विषय पर आयोजित इस सेमिनार में देश एवं विदेश के विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान परंपरा और नैनो प्रौद्योगिकी के गहरे संबंधों पर अपने विचार प्रकट करेंगे।

पहले दिन उद्घाटन सत्र 15 जुलाई को प्रातः 10 बजे से कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी की अध्यक्षता में प्रारंभ होगा।इस सत्र के मुख्य अतिथि प्रो.एम.एस.गौर, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर,राजस्थान होंगे तथा बीज वक्तव्य प्रो.अर्चना पांडे, लोकपाल डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर का होगा।

प्रथम तकनीकी सत्र सुबह साढ़े 11बजे से प्रो.रत्नेशदास डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर की अध्यक्षता में प्रारंभ होगाl इस सत्र में डॉ. रामपाल पांडे मैनिट,भोपाल तथा डॉ. मौली थॉमस, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर अपना व्याख्यान देंगे।द्वितीय तकनीकी सत्र दोपहर 2 बजे डॉ. राहुल कुमार शर्मा श्याम सुंदर अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिहोरा (जबलपुर) की अध्यक्षता में प्रारंभ होगा।

इस सत्र में डा. गौहर अहमद नायकू,विश्वविद्यालय ओमान तथा डॉ.शिल्पा शर्मा नेताजी सुभाष तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारका, नई दिल्ली अपना व्याख्यान देंगे।

सेमिनार के दूसरे दिन 16 जुलाई को सुबह 9:30 बजे से डॉ. रामपाल पांडे की अध्यक्षता में सत्र प्रारंभ होगा। इस सत्र में प्रो.रत्नेशदास तथा डॉ.थिल्लई सिवकुमार नटराजन, सीएसआईआर केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान,चेन्नई के व्याख्यान होंगे। द्वितीय तकनीकी सत्र सुबह 11 डॉ. थिल्लई सिवकुमार नटराजन की अध्यक्षता में होगाl

इस सत्र में डॉ. नटराजन सुब्रमनियन, बसेडा विश्वविद्यालय जापान तथा डॉ.राहुल कुमार अपने व्याख्यान देंगे l

इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समापन सत्र 16 जुलाई को दोपहर 2 बजे से आयोजित होगा l सेमिनार की समन्वयक डॉ. मौली थॉमस ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य दुनिया भर के विशेषज्ञों द्वारा प्राचीन भारत में नैनो प्रोद्योगिकी के अस्तित्व तथा आधुनिक दुनिया में इसके अनुप्रयोगों पर विचार विमर्श करने के लिए साथ लाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / सौरव भटनागर / मुकेश तोमर

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