कलेक्टर प्रतिभा पाल की सख्ती: सिविल सर्जन और कर्रापुर सीएमओ का वेतन रोका
सागर, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग और नगरीय प्रशासन से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान गंभीर कमियां सामने आईं। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद समय-सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गतिविधियों में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सागर के सिविल सर्जन का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। वहीं, विभागीय कार्यों में लापरवाही और लंबित प्रकरणों के निराकरण में उदासीनता पाए जाने पर कर्रापुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का वेतन भी तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए।
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान नामांतरण और सीमांकन के कई मामले लंबे समय से लंबित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तीन से छह माह से लंबित नामांतरण प्रकरणों वाले संबंधित तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सीमांकन मामलों को लेकर उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को फील्ड स्तर पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 20 जून तक सीमांकन से जुड़े सभी लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर संबल योजना के लंबित पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये और दुर्घटना मृत्यु पर चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सात दिन के भीतर हितग्राहियों को उपलब्ध कराने को कहा गया।
कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा श्रमयोगी मानधन योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा कर प्रगति में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने जनसुनवाई, सीएम मॉनिटरिंग और विभिन्न आयोगों से प्राप्त प्रकरणों के प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन सहित जिले के सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

