उज्जैनः सिंहस्थ के लिए पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मॉडल बनेगा सम्राट विक्रमादित्य विवि परिसर

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उज्जैनः सिंहस्थ के लिए पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मॉडल बनेगा सम्राट विक्रमादित्य विवि परिसर


उज्जैन, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय पर्यावरण महोत्सव, राष्ट्रीय संगोष्ठी और लीडरशिप कोहोर्ट-2026 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में दावा किया गया कि सिंहस्थ के लिए पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मॉडल सम्राट विक्रमादित्य विवि बनेगा। इस आयोजन का प्रबंधन भोपाल की संस्था क्रिसप द्वारा किया गया था।

विवि के कुलगुरु प्रो.अर्पण भारद्वाज ने सोमवार को कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत विश्वविद्यालय परिसर और उज्जैन शहर को पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा। कुलसचिव अनिल शर्मा ने शिक्षा और नवाचार के मेल से पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। प्रो.भारद्वाज ने ऊर्जा संरक्षण के लिए शिकन अच्छी है अभियान की जानकारी देते हुए आमजन से सप्ताह में कम से कम दो दिन बिना प्रेस किए कपड़े पहनने की अपील की। वस्त्र उद्योग में पानी की खपत और रासायनिक प्रदूषण कम करने के लिए सफेद या प्राकृतिक रंगों के कपड़ों के उपयोग पर जोर दिया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता बीआर अम्बेडकर विवि के पुष्पेन्द्र सिंह ने युवाओं से हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजित करने का आह्वान किया। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की प्रियंवदा सिंह ने पर्यावरण क्षरण और प्रदूषण के कारण बढ़ते मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद के वैज्ञानिक तथ्य साझा किए। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक संदीप कुमार तिवारी ने अतिथि स्वागत किया।

ई-कचरे के खतरे और कचरा प्रबंधनएलुमनाई एसोसिएशन की ऊर्जा सेतु व्याख्यान श्रृंखला में आरआरकैट के वैज्ञानिक तरुण कुमार शर्मा ने सेमीकंडक्टर निर्माण और ई-कचरे से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति आगाह किया। साइकलोदय,सतत जीवनशैली और कचरा प्रबंधन पर विशेष सत्र हुए। वलसाड से आए साइकिल मैन ऑफ इंडिया बिनिश देसाई ने कचरे से उपयोगी सामग्री बनाने के तरीके बताए।

महोत्सव के दौरान भूविज्ञान अध्ययनशाला परिसर में विभागाध्यक्ष पवनेंद्र तिवारी और राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी शिवी भसीन के नेतृत्व में 101 पौधे रोपे गए। पौधे लगाने के साथ उनकी जियो टैगिंग की गई और आजीवन देखभाल का संकल्प लिया गया।

ईको-फ्रेंडली उत्पादों से विजेताओं का सम्मानपर्यावरण प्रश्नोत्तरी के विजेता मृत्युंजय बडोले, अली खान, सूरज सोलंकी, उपेंद्र धाकड़, जितेंद्र कटारा, सायंतन मैती, साक्षी राज, राजेंद्र तंवर,कृष्णपाल रावत और आदित्य लोखंडे को निर्मल निर्माण स्टार्टअप के तहत महाकाल मंदिर के फूलों से बनी ईको-फ्रेंडली अगरबत्ती और धूप भेंट की गई। कृषि अध्ययनशाला के छात्रों ने पोषण पात्र स्टार्टअप के जरिए पौष्टिक झालमुरी का प्रदर्शन किया। लीडरशिप कोहोर्ट में ओम नक्षत्र सोलर प्लैनेट, कोड डी कोड, सीसो ग्लोबल और कला मंच जैसे स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। संचालन अमृता शुक्ला और अंजलि उपाध्याय ने किया। एलुमनाई एसोसिएशन की अध्यक्ष उमा शर्मा ने आभार माना।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल

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