आलीराजपुर: किसानों की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का आधार है आम
आलीराजपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। आम केवल एक फल नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का आधार है। फलदार वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका ही नहीं निभाते हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी स्थायी माध्यम बनते हैं।
यह विचार मध्य प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागरसिंह चौहान ने प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य आलीराजपुर जिला मुख्यालय पर अपने जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित हुए कृषक जनों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मंत्री ने सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में आम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और उद्यानिकी विकास का संदेश प्रसरित किया। इस अवसर पर सर्व प्रथम मंत्री का स्वागत अभिनन्दन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद अनिता चोहान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
इस मौके पर कृषकों को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का आधार है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक पद्धति से आम की बागवानी अपनाएं तथा प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी स्थायी माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने आठ किसानों को आम के पौधे वितरित कर नए बगीचों की स्थापना के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान अपने खेत में फलदार पौधे लगाकर दीर्घकालीन एवं स्थायी आय का स्रोत विकसित कर सकता है। चौहान ने किसानों से विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाते हुए आम सहित अन्य फलीय फसलों की वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील की है, ताकि जिले में उच्च गुणवत्ता वाले आम उत्पादन को बढ़ावा मिले तथा आदिवासी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो।
सहायक संचालक उद्यानिकी आलीराजपुर, कैलाश चौहान ने आम के पौधारोपण संबंधी जानकारी में सोमवार को बताया कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में आलीराजपुर जिले के 118 किसानों द्वारा 64 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 25,600 आम के पौधों का रोपण किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन के लिए किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा ग्राम स्तर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

