अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में कन्या भोज, कलश और जवारा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन

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अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में कन्या भोज, कलश और जवारा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन


अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में कन्या भोज, कलश और जवारा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन


अनूपपुर: नर्मदा उद्गम मंदिर में कन्या भोज, कलश और जवारा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन


अनूपपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक स्थित पतित पावनी मां नर्मदा के उद्गम मंदिर में शारदीय नवरात्रि का पर्व कन्या पूजन, कन्या भोज,घृत ज्योति, कलश तथा जवारा विसर्जन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से संपन्न हुआ।

नौ दिवसीय नवरात्रि के दौरान मंदिर में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कल्याण सेवा आश्रम में पूज्य वीतराग तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज के सानिध्य में नौ दिवसीय नवरात्रि पर्व के समापन पर भंडारा आयोजित हुआ। वहीं शंकराचार्य आश्रम और नर्मदा उत्तर तट स्थित रामघाट पर भी भंडारे में संतों, ब्राह्मणों, कन्याओं एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

नवरात्रि के समापन पर मां शक्ति के स्वरूप में कन्याओं का पूजन किया गया तथा उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मंदिर में स्थापित घृत ज्योति एवं कलश के साथ जवारे का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

नर्मदा उद्गम मंदिर में पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न पूजन-अनुष्ठान संपन्न हुए। नवरात्रि के अंतिम चरण में कन्या पूजन और जवारा विसर्जन के साथ नौ दिनों तक चली देवी आराधना का विधिवत समापन हुआ।

संध्याकाल में नर्मदा मंदिर की ड्योढ़ी के पूर्व स्थित भगवान भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा आरती संपन्न हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप भगवान भैरव के पूजन के साथ मंदिर में नवरात्रि के समापन संबंधी अनुष्ठान पूरे किए गए।

प्रतिमा विसर्जन का क्रम शुरू

शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही अमरकंटक के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालु गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ मां भगवती को विदाई देने की तैयारी में जुटे रहे। प्रतिमाओं का विसर्जन नर्मदा पुष्कर बांध के समीप बनाए गए विसर्जन कुंड में पूजा-अर्चना और आरती के साथ किया जा रहा है।

नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में लीन रहे श्रद्धालुओं ने नम आंखों और भक्तिभाव के साथ मां भगवती से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। इस प्रकार पवित्र नगरी अमरकंटक में धार्मिक आस्था, परंपरा और भक्ति के बीच शारदीय नवरात्रि पर्व का समापन हुआ।

कल्याण सेवा आश्रम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

कल्याण सेवा आश्रम में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि पर्व हर्षोल्लास एवं धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया गया । इस दौरान काशी से आए ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया । रात्रि में निशा हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए ।

विजयादशमी के दिन प्रातःकाल से धर्म ध्वजा साहब के पूजन, महाआरती, और संतों के प्रवचन हुए । इसके पश्चात आरती कर विशाल नगर भंडारे का शुभारंभ किया गया । भंडारे में कन्याओं , संतों , ब्राह्मणों , श्रद्धालुओं तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला , पुरुष , बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए ।

इस आयोजन में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी बैगा जनजाति के अनेक परिवार अपने परिजनों के साथ पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया । कल्याण आश्रम में श्रद्धालुओं को भोजन कराने के साथ वस्त्र वितरण भी किया गया । पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा ।

शंकराचार्य आश्रम में कन्या पूजन के बाद भंडारा

अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 15 स्थित शंकराचार्य आश्रम में भी नवरात्रि समापन पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए । आश्रम में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार अखंड ज्योति एवं कलश स्थापित किए जाते हैं । विजयादशमी पर अनुष्ठानों की पूर्णता के बाद कन्या पूजन किया गया और भंडारे का आयोजन हुआ ।

आश्रम के प्रमुख व्यवस्थापक ब्रह्मचारी नर्मदानंद जी ने बताया कि नवरात्रि के समापन पर प्रतिवर्ष भंडारा आयोजित किया जाता है । इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु मां भगवती की आराधना कर प्रसाद ग्रहण करते हैं ।

रामघाट पर परिक्रमावासी संत के सानिध्य में भंडारा

इसी क्रम में नर्मदा उत्तर तट स्थित रामघाट पर चातुर्मास कर रहे नर्मदा परिक्रमावासी संत स्वामी पूरण दास जी महाराज के सानिध्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्री विष्णु महायज्ञ , दुर्गा सप्तशती पाठ , निशा हवन , श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति तथा श्रीकृष्ण रासलीला के समापन के बाद विजयादशमी के अवसर पर शिव मंदिर परिसर में भंडारा आयोजित हुआ । इसमें कन्याओं , संतों , ब्राह्मणों , श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया । धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के साथ नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव से संपन्न हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

Livevns.news Desk
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