अमरावती में एक्सएलआरआई का 300 करोड़ की लागत से बनेगा नया परिसर

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अमरावती में एक्सएलआरआई का 300 करोड़ की लागत से बनेगा नया परिसर


विकसित होगा विश्वस्तरीय प्रबंधन संस्थान

पूर्वी सिंहभूम/जगशेदपुर, 17 मार्च (हि.स.)। देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन शिक्षण संस्थानों में शामिल एक्सएलआरआई ने अपने विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीसीआरडीए) के साथ समझौता कर आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में 61.7 एकड़ भूमि पर नया परिसर स्थापित करने की योजना बनाई है।

करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह नया परिसर 'एक्सएलआरआई अमरावती' के नाम से विकसित किया जाएगा। यह पहल देश में प्रबंधन शिक्षा को और ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संस्थान का उद्देश्य यहां विद्यार्थियों और कार्यरत पेशेवरों के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।

प्रारंभिक चरण में इस परिसर में 1,000 विद्यार्थियों के लिए समेकित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 200 कार्यरत पेशेवरों के लिए कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, नवाचार और उद्योग से जुड़ाव को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

'अनंत सद्भावना परिसर' की अवधारणा पर आधारित इस संस्थान में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट कक्षाएं, सहयोगात्मक अध्ययन स्थल और सतत विकास के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान की जा सके।

एक्सएलआरआई और एपीसीआरडीए के बीच यह साझेदारी ज्ञान निर्माण, नेतृत्व विकास और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने की साझा सोच को दर्शाती है। अमरावती को एक उभरते प्रशासनिक, शैक्षणिक और नवाचार केंद्र के रूप में देखते हुए इस परियोजना के लिए चुना गया है।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक फादर जॉर्ज सेबेस्टियन ने मंगलवार को बताया कि अमरावती में नया परिसर संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा की पहुंच को और व्यापक बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिसर नवाचार, सतत विकास और जिम्मेदार नेतृत्व के समन्वय से भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करेगा।

उन्होंने बताय कि नया परिसर एक्सएलआरआई की राष्ट्रीय उपस्थिति को और सशक्त करेगा तथा देश-विदेश के विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगा। वर्ष 1949 में स्थापित यह संस्थान भारत के सबसे पुराने प्रबंधन शिक्षण संस्थानों में से एक है और अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता,नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता है। जमशेदपुर और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बाद अब अमरावती में विस्तार के साथ एक्सएलआरआई अपने 'सर्वजन हिताय' के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक

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