खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला

खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला
खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी सीट के सात प्रत्याशियों के भाग्य इवीएम में बंद, 66 फीसदी मतदाताओं ने सुनाया फैसला


खूंटी, 13 मई (हि.स.)। लोकसभा का सदस्य बनने के लिए खूंटी संसदीय सीट से भाग्य आजमा रहे सात दलीय-निर्दलीय प्रत्याशियों के भाग्य सोमवार को इवीएम में बंद हो गये। जनजातियों के लिए आरक्षित खूंटी संसदीय क्षेत्र के 66 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया। आगामी चार जून को ही पता चलेगा कि जनता ने किसी के सिर पर सेहरा बांधा और किसे नकार दिया है। खूंटी संसदीय क्षेत्र के लगभग 13 लाख मतदाताओं में से लगभग साढ़े आठ लाख लोगों ने चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव के दौरान सभी बूथों पर पेयजल, चिकित्सा सहिहत अन्य सुविधाएं मुहैया करायी गई थी। नये मतदाताओं के साथ ही बुजुर्ग वोटरों में भी मदान को लकर काफी उत्साह देखा गया। दिव्यांग और बीमार लोगों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा कें लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया था। मतदान केंद्र से दूर के बुजुर्ग मतदाताओं को लाने के लिए छोटे वाहनों की व्यवस्था की गई थी।

मतदाताओं काे आकर्षित करने में सफल रहा यूनिक बूथ

मतदाताओं के बीच मतदान के लिए जागरूकता लाने के उद्देश से प्रशासन द्वारा तोरपा प्रखंड के लाहाजीमी को यूनिक बूथ बनाया गया था। यहा सभी मतदानकर्मी पारंपरिक आविासी वेशभूषा में थे। मतदाताओं का स्वागत मंुडारी न्त्य-गीत के साथ किया जा रहा था। मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सैयद राशिद अख्तर और प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमुद कुमार झा, ग्राम प्रधान मुखिया भी पारंपरिक परिधान में उपस्थित थे। मोके पर ग्रामीणों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की झांकी प्रस्तुत की। पूरे मतदान केंद्र पर सोहराई पेंटिंग कराई गयी थी। इस बूथ पर भी सुबह से वोटरों की लंबी कतार लग गई थी।

युवा वोटरों में भारी उत्साह

इस संदीय सीट के 1705 बूथों में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था, लेकिन मतदाता प्रातः छह बजे से ही कतार में लग गये थे। युवा वोटरों में मतदान के प्रति भारी उत्साह देखा गया। मतदान करने के बाद युवा वोटरांे ने कहा कि उन्हें देश का जिम्मेवार बनने का मौका मिला। लोकतंत्री में मतदान से बड़ा कोई हथियार नही है। इसलिए सभी को अपने माधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

अर्जुन मुंडा के समक्ष किला बचाने की चुनौती, तो कांग्रेस को हार का कलंक धोने का मौका

इस चुनाव में भाजपा के टिकट पर दूसरी बार बार चुनाव मैंदान में उतरे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के समक्ष भाजपा का किला बचाने की चुनौती है, तो कांग्रेस के कालीचरण मुंडा के पास लगातार हार का कलंक धोने का मौका। ज्ञात हो क 2019 के चुनाव में इन्हीं दो प्रतिद्वंदियों के बीच ही सीधा मुकाबला हुआ था और अर्जुन मुंडा 1445 वोटों से बाजी मार गये थे। इस बार भी इन्हीं दो प्रतिद्वद्वियों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। झारखंड पार्टी की अपर्णा हंस, निर्दलीय बसंत कुमार लोंगा, आदिवासी विकास पार्टी की बबीता कच्छप,बसपा की सावित्री देवी, औ निर्दलीय पास्टर संजय तिर्की अपना छाप छोड़ने में नाकाम दिखे।

बुजुर्गों में दिखी मतदान करने की ललक

खूंटी संसदीय सीट के लिए इस मुकाबले में बुजुर्ग मतदाताओं में वोट डालने की जबर्दस्त उतसाह देखेने को मिला। 1957 से अब तक हुए सभी लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले दुमंगदीरी पंचायत के पूर्व मुखिया 90 वर्षीय सोमा मुंडा कहते हैं कि वे शुरू से ही वोट देने का सबसे जरूरी काम मानते हैं। वे कहते हैं कि आज वह चलने-फिरने से लाचार हैं, इसके बावजूद व्हील चेयर पर वे मतदान करने अपने गांव लोहाजिमी के यूनिक बूथ में आये हैं।

मतदान कर पिता को दी श्रद्धांजलि

हमेशा सामाजिक कार्यों में भागीदारी करनेवाले और रामनवमी महासमिति, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठनों के विभिन्न पदों को सुशोभित कर चुके खूंटी के जानेमाने दिवंगत अधिवक्ता भोलानंद तिवारी के पुत्र विपपुल तिवारी ने सोमवार को श्राद्धकर्म के दौरान ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता हमेशा अपने मताधिकार को लेकर काफी जागरूक रहे। भोलानंद तिवारी का गतत शुक्रवार को निधन हो गया था। विपुल ने कहा कि वोट के माध्यम से उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि दी है।

मतदान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है

मतदान के दौरान भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा तोरपा पहुंचे। कार्यकर्ताओं से मतदान की गतिविधियों का जायजा लिया। मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि मतदान के प्रति लोगांे का अच्छा रिस्पांस है। मतदान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बार मतदान की प्रक्रिया काफी धीमी रही है। कई केंद्रों से सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गई है। एक महिला अगर चार घंटें खडी रहकर मतदान कर रही है, तो यह परेशानी की बात है।

विभन्न शहरों से वोट देने गांव पहुंचे मतदाता

भले ही खूंटी संसदीय क्षेत्र को भले ही पिछड़ा इलाका माना जाता हो, पर मतदान के प्रति इस क्षेत्र के लोग काफी जागरूक हैं। यही कारण है कि दिल्ली, पटना, रांची और अन्य जगहों पर रहनेवाले गांव के मतदाता वोट देने के लिए गांव पहुंचे। रनिया प्रखंड के डिगरी गांव पहुंचे सेवानिवृत्त वन प्रमंडल पदाधिकारी अर्जुन बड़ाईक कहते हैं कि मतदान हमारा सबसे बड़ा अधिकार है। आपका एक-एक वोट कीमती है। इसलिए हर मतदाता को वोट जरूर देना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/ अनिल

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